Rajasthan में भारत जोड़ो यात्रा को लेकर सियासत शुरू, गुर्जर नेता विजय बैंसला ने दी यात्रा के विरोध की चेतावनी
Rajasthan में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को लेकर सियासत शुरू हो गई है। दिसंबर के पहले हफ्ते में हाडोती के रास्ते राजस्थान में प्रवेश करने वाली इस पद यात्रा को लेकर गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष विजय बैंसला ने कांग्रेस सरकार को चेतावनी दे दी है। बैंसला ने कहा कि गुर्जर समाज के मांगे नहीं मानी तो राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का विरोध करेंगे।

भारत जोड़ो यात्रा को लेकर सरकार को दी चेतावनी
गुर्जर नेता विजय बैसला की यह चेतावनी कांग्रेस के लिए इसलिए चिंता का विषय है कि राहुल गांधी की पदयात्रा ज्यादातर गुर्जर बहुल इलाकों से गुजरेगी। विजय सिंह ने कहा कि अब हमारी एक ही मांग है कि आरक्षण का वादा पूरा करो। हम पटरियों पर बैठकर नहीं दूसरे तरीकों से भी सरकार का विरोध करना जानते हैं। राजस्थान में गुर्जरों के 75 विधानसभा क्षेत्र हैं। अगर किसी भी रूट से यात्रा आई तो विरोध होगा। हमारी सरकार को चेतावनी है कि हमारे बकाया मुद्दे पूरी करें। नहीं तो राजस्थान में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को निकाल कर देख लेना। बैंसला ने कहा कि हमें सरकार से कोई बात नहीं करनी है। वह तो सिर्फ हमारा काम करके दें। झुंझुनू के उदावास में कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की मूर्ति के अनावरण समारोह में शामिल होने के लिए जाते समय विजय बैंसला ने गुर्जर समाज के नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि वे सरकार में रह कर भी समाज का काम नहीं करवा पा रहे हैं।

सरकार ने अब तक समझौते नहीं किए लागू
विजय बैंसला ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गुर्जर आरक्षण मामले को लेकर कर्नल किरोड़ी सिंह के साथ समझौते किए थे। लेकिन अब तक उन्हें लागू नहीं किए गए हैं। हम पीछे दौड़ते-दौड़ते और मनुहार करते हुए थक चुके हैं। ऐसे में अब क्या हम उनकी आरती उतारेंगे। हमारे बच्चों की नौकरियां 6 महीने से बंद हैं। उन्होंने कहा कि वे सरकार के सामने 10 बार बात रख चुके हैं। लेकिन हर बार सरकार हस्ताक्षर करके भूल जाती है।

कांग्रेस ने विजय बैंसला पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस सचिव जसवंत गुर्जर ने विजय बैसला की बात पर पलटवार करते हुए कहा कि यात्रा के विरोध का यह एजेंडा पूरी तरह आरएसएस का है। जिस भाजपा ने 70 से अधिक निहत्थे गुर्जर समाज के लोगों पर गोली चलाई। आज उनके झंडे के नीचे खड़े रहने में बैंसला को शर्म नहीं आती। उन्होंने विजय बैसला की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौवीं अनुसूची में सम्मिलित करने की अनुशंसा विधानसभा से की हुई है। उस पर बैंसला क्यों मौन हैं।












Click it and Unblock the Notifications