OPINION: इंदिरा रसोई योजना से कोई भी भूखा न सोए के सपने को साकार कर रहे अशोक गहलोत, जानिए वजह
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आमजन के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं और घोषणाएं कर रहे हैं। सीएम गहलोत की कई घोषणाएं धरातल पर उतर चुकी है। प्रदेश के बाशिंदों को उनकी घोषणाओं का फायदा भी मिल रहा है। सीएम गहलोत द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से सबसे ज्यादा गरीब तबका लाभांवित हो रहा है। गरीबों को लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की घोषणाएं वरदान साबित हुई है। राजनीति के जानकार कहते हैं कि सरकार की योजनाओं से सबसे ज्यादा यही वर्ग लाभांवित हुआ है। यही वजह है कि प्रदेश में पिछले कुछ समय से सीएम गहलोत का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब गहलोत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में एक हजार इंदिरा रसोई खोलने का फैसला किया है। जहां आम आदमी को आठ रुपए में पेटभर खाना मिलेगा। शहरी क्षेत्र में अभी यह योजना सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इंदिरा रसोई में कई बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद परिवार के साथ जाकर खाना भी खाया है। सीएम गहलोत मंत्रियों को भी ऐसा करने की सलाह देते हैं। गहलोत सरकार ने टोंक जिले के निवाई में रविवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की मौजूदगी में ग्रामीण क्षेत्रों में इंदिरा रसोई का आगाज किया है।
गरीब आदमी को मिलेगा आठ रुपए में खाना
शहरो में गरीब लोगों को सस्ता भोजन उपलब्ध करवाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इंद्रा रसोई चालू कि थी। उसी कि तर्ज़ पर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी इंदिरा रसोई योजना के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को मात्र 8 रुपए में सम्मानपूर्वक पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए 10 सितम्बर से योजना प्रारम्भ करना है। इस योजना से 'कोई भूखा ना सोए का संकल्प साकार हो रहा है। इसी दिशा में प्रदेश के हर व्यक्ति को महंगाई की मार से राहत देने तथा भरपेट भोजन उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी 1000 इंदिरा रसोइयां खोलने का फैसला किया है। इस योजना का शुभारंभ रविवार को टोंक जिले में निवाई के पास झिलाय से प्रियंका गांधी ने किया। इन सभी 1000 रसोइयों का संचालन राजीविका समूह की महिलाओं द्वारा किया जाएगा। इससे दस हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार मिलेगा।

7 करोड़ 30 लाख भोजन की थालियां परोसने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के नगरीय निकायों में करीब 1000 इंदिरा रसोइयों के सफल संचालन के बाद इसकी उपयोगिता को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 रसोई शुरू करने की घोषणा बजट 2023-24 में की थी। इस योजना में वर्ष भर में 1000 रसोइयों से ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंदों को करीब 7 करोड़ 30 लाख भोजन थालियां परोसने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम गहलोत ने ग्रामीण कस्बों में 1000 इंदिरा रसोइयों की घोषणा की थी।अब 5000 से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में रविवार से योजना का शुभारंभ कर दिया गया है। इससे ग्रामीण महिलाओं को आजीविका उपार्जन के अवसर बढ़ेंगे। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इंदिरा रसोई योजना को सरकार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक बता चुके हैं।
पांच लाख रुपए एकमुश्त और प्रति थाली 17 रुपए अनुदान
इंदिरा रसोई योजना ग्रामीण में राज्य सरकार द्वारा नवीन रसोइयों की स्थापना के लिए पांच लाख रुपए की एक मुश्त राशि तथा 17 रुपए प्रति थाली का अनुदान दिया जा रहा है। इनके माध्यम से राजीविका की दस हजार से भी अधिक महिलाओं को रोजगार मिलेगा। राज्य स्तर पर इंदिरा रसोई योजना ग्रामीण का नियंत्रण कक्ष पंचायती राज विभाग में स्थापित किया गया है। शहरी क्षेत्र में करीब एक हजार इंदिरा रसोइयों से अब तक 13 करोड़ से अधिक पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन की तालियां आमजन को पड़ोसी जा चुकी है। इंदिरा रसोई योजना में भामाशाहों द्वारा भी भोजन प्रायोजित किया जा सकता है। नगरीय क्षेत्रों में संचालित इंदिरा रसोई योजना से गरीब जरूरतमंद लोगों को 8 रुपए में पौष्टिक भोजन मिल रहा है।












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