पिंकसिटी में चलेगी मेट्रो 'ट्राम', यूं कंट्रोल होगा जयपुर का ट्रैफिक, जानिए क्या है ये नई ट्रेन
जयपुर। सब कुछ योजनानुसार हुआ तो जल्द ही राजस्थान की राजधानी जयपुर में आधुनिक मेट्रो 'ट्राम' या मेट्रो लाइट दौड़ती नजर आएगी। यह एक प्रकार से ट्रेन ही है, मगर इसकी कई विशेषताएं इसे मेट्रो ट्रेन से अलग बनाती हैं।

जयपुर में संपूर्ण मोबिलिटी प्लान
मीडिया की खबरों की मानें तो जयपुर के सबसे व्यस्तम मार्ग जेएनएल को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए संपूर्ण मोबिलिटी प्लान का नया प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसे मेट्रो की बोर्ड बैठक में सैद्धांतिक मंजूरी मिल भी चुकी है।

ढाई-तीन साल में धरातल पर आएगा प्रोजेक्ट
अब प्रोजेक्ट पर राज्य सरकार व केंद्र सरकार से अनुमति ली जाएगी। अनुमति समय पर मिली तो आगामी ढाई-तीन साल में प्रोजेक्ट धरातल पर आ जाएगा। इस मेट्रो की खास बात यह है कि यह न एलिवेटेड होगी और नहीं अंडरग्राउंड, बल्कि अन्य वाहनों की तरह जमीन पर चलेगी। पटरी सड़क के भीतर ही होगी।

अब बनाएंगे विस्तृत प्लान
जयपुर मेट्रो के सीएमडी डॉ समित शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बहुत तेजी से बढ़ रहे जयपुर शहर में स्थापित भार को देखते हुए मोबिलिटी प्लान लागू करने की आवश्यकता है। मेट्रो लाइट को बोर्ड बैठक में सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। इस पर आगे विस्तृत प्लान तैयार कर रहे हैं।

लाइट मेट्रो में यह होगा खास
-लाइट मेट्रो तीन कोच वाली ट्रेन होगी।
-इस ट्रेन की क्षमता 300 यात्रियों की होगी।
-स्टेनलेस स्टील या एल्युमिनियम से बने तीनों डिब्बे एकदूसरे से जुड़े होंगे।
- इसकी रफ्तार करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटा होगी
- सड़क पर ट्राम की तरह चलेगी।
- लाइट मेट्रो के लिए अलग लाइन होगी।
-इसका सड़क के ट्रैफिक पर असर नहीं पड़ेगा
- मेट्रो लाइट सिस्टम में शेल्टर प्लेटफार्म होंगे।
- प्लेटफार्म में एएफसी गेट, प्लेटफॉर्म, स्क्रीन डोर, एक्स-रे और बैगेज स्कैनर नहीं होंगे।
- टिकट वैलिडेटर्स ट्रेन के अंदर ही होंगे।












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