Amit Shah को मिली एक चिट्ठी ने खोलकर रख दी राजस्थान की पोल, केंद्रीय नेतृत्व के पास पहुंचा यह फीडबैक
BJP शीर्ष नेतृत्व के पास पहुंची एक चिट्ठी ने राजस्थान भाजपा की सारी सच्चाई खोल कर रख दी। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के पास राजस्थान के भाजपा नेताओं का पूरा फीडबैक सामने आ गया। दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर हुई राजस्थान भाजप
BJP शीर्ष नेतृत्व के पास पहुंची एक चिट्ठी ने राजस्थान भाजपा की सारी सच्चाई खोल कर रख दी। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के पास राजस्थान के भाजपा नेताओं का पूरा फीडबैक सामने आ गया। दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर हुई राजस्थान भाजपा कोर कमेटी की बैठक सिर्फ कुछ मुद्दों पर नहीं थी। इस बैठक में राजस्थान के तमाम प्रकरण और मुद्दे आ गए। अमित शाह जैसे नेता के पास उस चिट्ठी में पूरा फीडबैक आया था। जिस चिट्टी की बात अमित शाह ने राजस्थान भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में रखी।

अमित शाह ने हर स्तर का फीडबैक लेकर ली नेताओं की क्लास
केंद्रीय मंत्री अमित शाह के प्रखरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जाता है कि हर स्तर का फीडबैक लेकर शाह ने बैठक में राजस्थान के नेताओं की क्लास लगाई। वल्लभनगर चुनाव की हार से लेकर अन्य मुद्दे तक बैठक में सामने रखे गए। पार्टी के नेताओं में कितना आपसी संवाद है। इसकी भी अमित शाह को पूरी जानकारी थी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक ही गोपनीय चिट्ठी से अमित शाह को इतना फीडबैक कैसे मिला। चर्चा है कि इस चिट्ठी के अलावा अमित शाह ने प्रदेश के चार अन्य नेताओं से भी राजस्थान का फीडबैक लिया था। पिछले दिनों ओम माथुर के साथ अमित शाह की लंबी मंत्रणा हुई थी। इसके बाद डॉ किरोड़ी लाल मीणा भी अमित शाह से मिले थे। सियासी गलियारों में अमित शाह द्वारा भूपेंद्र यादव और गजेंद्र सिंह शेखावत से भी राजस्थान को लेकर फीडबैक लेने की चर्चा है।

राजस्थान में भाजपा दिखेगी ऊर्जावान और सक्रिय
कोर कमेटी की बैठक से पहले अमित शाह के पास राजस्थान को लेकर छोटे से बड़ा पूरा फीडबैक था। यही वजह है कि कोर कमेटी की बैठक के बाद अमित शाह और जेपी नड्डा ने संगठन महामंत्री को साथ बैठने को कहा। इसमें अरुण सिंह, सतीश पूनिया और चंद्रशेखर बीएल संतोष के साथ बैठे। उसके बाद तीनों नेताओं को आगामी दिनों का बड़ा टास्क दिया गया। इन नेताओं को भाजपा के संगठन के कार्यक्रमों से लेकर प्रदेश स्तर के आंदोलन और विधानसभावार आंदोलन के टास्क दिए गए। इस दौरान सरदारशहर उपचुनाव को लेकर भी चर्चा हुई। आने वाले दिनों में राजस्थान में भाजपा एक नए अंदाज में ऊर्जावान और सक्रिय दिखेगी। माना जा रहा है कि नवंबर में राजस्थान में नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद अन्य नेताओं के दौरे होंगे। हिमाचल और गुजरात चुनाव से फ्री होने के बाद प्रदेश में दिग्गजों के दौरे शुरू हो जाएंगे। प्रदेश के हर अंचल में कार्यक्रमों की रणनीति बनाई जाएगी।













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