Kirti Rathore ACF : पिता, पति व भाई की मौत के बाद मुश्किलों को मात देकर बनीं अफसर, अनुकंपा नौकरी ठुकराई

कीर्ति राठौड़ एसीएफ की सक्सेस स्टोरी, पिता, पति व भाई की मौत के बाद अफसर बनीं

जयपुर, 28 मई। कहते हैं पहाड़ सा हौसला रखने वाले कभी मुश्किलों में रेत नहीं होते। यह बात कीर्ति राठौड़ की जिंदगी पर सटीक बैठती है। तमाम मुश्किलों को मात देकर ये अफसर बनी हैं। चाहती तो कहीं कांस्टेबल-बाबू के पद पर अनुकंपा नौकरी लग सकती थीं, मगर इन्होंने संघर्ष को चुना और कामयाब भी हुईं।

कीर्ति राठौड़ ने पाई 121वीं रैंक

कीर्ति राठौड़ ने पाई 121वीं रैंक

कीर्ति राठौड़ का सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) पद पर चयन हुआ है। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से एसीएफ एवं रेंजर भर्ती परीक्षा 2020 का 26 मई को ​परिणाम जारी किया गया है, जिसमें कीर्ति राठौड़ ने 121वीं रैंक हासिल की है। कीर्ति ने यह कामयाबी बिना किसी कोचिंग के हासिल की है।

 एसीएफ कीर्ति राठौड़ का इंटरव्यू

एसीएफ कीर्ति राठौड़ का इंटरव्यू

वन इंडिया हिंदी से बातचीत में ​ACF कीर्ति राठौड़ ने अपनी पूरी कहानी बयां कि है, जिसमें बेइंतहा दुख, हिम्मत, मेहनत और सफलता है। जिंदगी में विपरीत हालात को कोसने वालों को कीर्ति की जिंदगी से सीखना चाहिए कि मुश्किलों का सामना करके खुद को कैसे संवारा जा सकता है?

 सीकर में बुआ के घर बीता बचपन

सीकर में बुआ के घर बीता बचपन

कीर्ति राठौड़ मूलरूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के सलेमगढ़ मसानी के प्रमोद सिंह राठौड़ की बेटी हैं। इनका बचपन सीकर के बसंत विहार में फूफा डॉ. भरत सिंह नरुका व बुआ संतोष कंवर के घर बीता। कीर्ति ने सीकर के विद्याभारती से स्कूली शिक्षा व लक्ष्मणगढ़ के मोदी कॉलेज से बीएससी बायोटेक की डिग्री प्राप्त की।

विक्रम सिंह शेखावत से हुई कीर्ति राठौड़ की शादी

विक्रम सिंह शेखावत से हुई कीर्ति राठौड़ की शादी

साल 2007 में कीर्ति राठौड़ की शादी सीकर जिले के गांव खूड़ी निवासी विक्रम सिंह शेखावत के साथ हुई। इनके एक बेटा शौर्यवर्धन सिंह है। विक्रम सिंह शेखावत राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में इंस्पेक्टर थे। कैंसर से पीड़ित विक्रम सिंह का 24 सितम्बर 2019 को निधन हो गया। इनसे पहले साल 2009 में एक सड़क हादसे में कीर्ति ने पिता प्रमोद सिंह राठौड़ को भी खो दिया था।

 परीक्षा से एक माह पहले भाई की मौत

परीक्षा से एक माह पहले भाई की मौत

पिता व पति की मौत के बाद कीर्ति बूरी तरह से टूट चुकी थीं, मां शशिकला ने हिम्मत बंधाई। भाई भानु प्रताप सिंह भी सहारा बने। फिर कीर्ति जयपुर में रंगोली गार्डन से वैशाली एरिया में मां के पास शिफ्ट हो गईं। भाई-बहन दोनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने लगे। एसीएफ का फॉर्म भरा, मगर परीक्षा से पहले भाई भानु प्रताप सिंह की भी सड़क हादसे में मौत हो गई।

 एसीबी के हीरो थे पति विक्रम सिंह शेखावत

एसीबी के हीरो थे पति विक्रम सिंह शेखावत

कीर्ति राठौड़ के पति विक्रम सिंह शेखावत राजस्थान एसीबी के हीरो थे। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में निरीक्षक पद पर रहे हुए शेखावत ने कई भ्रष्ट अफसरों को सलाखों के पीछे पहुंचाया था। शेखावत के निधन पर एसीबी एडीजी आईपीएस दिनेश एमएन ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि 'अपने काम को इस तरह जीने वाला, अपने विभाग, समाज और राज्य के लिए जीने वाला व्यक्ति मैंने पहले कभी नहीं देखा।

आईपीएस दिनेश एमएन ने यह भी लिखा

आईपीएस दिनेश एमएन ने यह भी लिखा

वह (विक्रम सिंह शेखावत) वाकई सच्चा कर्मयोगी था। किसी से डरा नहीं। कभी यह नहीं सोचा कि जिसके खिलाफ एक्शन ले रहे हैं वह बड़ा आदमी है आगे क्या होगा? मेरा तो वह छोटा भाई था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि विक्रम के बारे में इस तरह की स्थिति में बोलना पड़ेगा। परन्तु वह मौत से लड़ते-लड़ते भी अपने काम के बारे में सोच रहा था। ऐसे लोग प्रेरणादायी होते हैं, कई-कई पीढ़ियों के लिए...।

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