Rajasthan : जिस जालौर में दलित छात्र को पानी की मटकी छू लेने पर मार डाला वहां हर दूसरा व्‍यक्ति अनपढ़

जालौर, 14 अगस्‍त। राजस्‍थान के जिस जालौर में पानी की मटकी छू लेने भर से हेड मास्‍टर ने छात्र को मार डाला उसकी साक्षरता दर चौंका देने वाली है। यह इत्‍तेफाक ही है कि जिस शिक्षा के दम पर हम छूआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्‍म करने की उम्‍मीद करते हैं उसी मामले में जालौर पूरे राजस्‍थान में सबसे निचले पायदान पर है। जालौर में औसतन हर दूसरा व्‍यक्ति अनपढ़ है।

जालौर 54.86 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ 33वें स्‍थान

जालौर 54.86 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ 33वें स्‍थान

जालौर की स्थिति यूं समझिए कि जनगणना 2011 के अनुसार राजस्‍थान की कुल साक्षरता दर 66.11 प्रतिशत है जबकि जालौर जिले की स्थित प्रदेश के औसत से भी कम है। शिक्षा के मामले में राजस्‍थान के सभी 33 जिलों में जालौर 54.86 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ 33वें स्‍थान पर है। जालौर में 18 लाख 28 हजार 730 की आबादी में से सिर्फ 8 लाख 29 हजार 582 लोग ही साक्षर हैं। साक्षरता के मामले में 76.56 प्रतिशत के साथ कोटा जिला पहले स्‍थान पर है।

जालौर में दलित छात्र क्‍या मामला?

जालौर में दलित छात्र क्‍या मामला?

जालौर के सायला थाना इलाके के गांव सुराणा में एक निजी स्‍कूल में बच्‍चों के पानी पीने के लिए रखी गई मटकी को 20 जुलाई 2022 को तीसरी कक्षा के नौ वर्षीय स्‍टूडेंट इंद्र मेघवाल ने छू लिया था। इस पर शिक्षक शिक्षक छैल सिंह ने इंद्र मेघवाल की इस कदर पिटाई की कि उसके कान की नस फट गई। उसे उचपार के लिए अहमदाबाद के अस्‍पताल में ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान शनिवार को इंद्र मेघवाल ने दम तोड़ दिया।

जालौर की साक्षरता पर क्‍या कहते हैं पूर्व प्राचार्य?

जालौर की साक्षरता पर क्‍या कहते हैं पूर्व प्राचार्य?

जालौर पीजी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. शकील परवेज कहते हैं कि यहां पर छूआछूत के चलते दलित की मौत व साक्षरता के मामले में पिछड़ापन की कई वजह हैं। जालौर के लोगों में अपने बच्‍चों को पढ़ाने की सोच आजादी के 75 साल बाद तक पूर्ण विकसित नहीं हो पाई है। यहां पर आज भी सामंतवाद देखने को मिल जाएगा। एक गरीबी भी कई बच्‍चों के स्‍कूल की ओर बढ़ते कदम रोक रही है। इन्‍हीं वजह से जालौर में सबसे कम साक्षरता दर है।

 बच्‍चे की मौत के बाद जालौर में क्‍या हुआ?

बच्‍चे की मौत के बाद जालौर में क्‍या हुआ?

शिक्षक द्वारा पिटाई किए जाने के बाद दलित छात्र की मौत हो जाने पर जालौर में शनिवार को स्थिति तनावपूर्ण रही। जिले में 24 घंटे के इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई। लोगों में घटना को लेकर जबरदस्‍त आक्रोश देखा गया। लोगों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लाठीचार्ज तक हुआ है। दलित संगठन भी अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। विपक्षी दल भाजपा ने भी राजस्‍थान की कांग्रेस सरकार को इस मामले में आड़े हाथों लिया है।

 जालौर की घटना पर राजस्‍थान सरकार ने क्‍या कदम उठाए?

जालौर की घटना पर राजस्‍थान सरकार ने क्‍या कदम उठाए?

जालौर पुलिस ने आरोपी शिक्षक छैल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। राजस्थान सरकार ने मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि 'जालौर के सायला थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल में शिक्षक द्वारा मारपीट के कारण छात्र की मृत्यु दुखद है. आरोपी शिक्षक के विरुद्ध हत्या व SC/ST एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जा चुकी है। मामले की तेजी से जांच और दोषी को जल्द सजा के लिए इसे केस ऑफिसर स्कीम में लिया गया है।'

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+