जयपुर नगर निगम का 30 साल बाद विस्तार, 80 नए गांव होंगे शामिल, शहर में जुड़ेगी 1.75 लाख की आबादी
Jaipur Municipal Corporation: जयपुर में तीन दशक बाद नगर निगम की सीमा का विस्तार होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने नगर निगम के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत जयपुर, सांगानेर और आमेर उपखंड के 80 गांवों को नगर निगम में जोड़ा जाएगा। इससे शहरी क्षेत्र में 1.75 लाख की आबादी जुड़ जाएगी, जिससे शहर का दायरा और संसाधन बढ़ेंगे।
जयपुर रिंग रोड सीमा के गांव
वर्तमान में ये सभी गांव रिंग रोड की सीमा में आते हैं, लेकिन शहरी सुविधाओं का पूरा लाभ इन्हें नहीं मिल पा रहा है। इस प्रस्ताव के बाद इन क्षेत्रों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही, नगर निगम का प्रशासनिक क्षेत्र भी विस्तृत होगा, जिससे नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

नगर निगमों का पुनर्गठन भी प्रस्तावित
फिलहाल जयपुर में दो नगर निगम, हेरिटेज और ग्रेटर कार्यरत हैं। राज्य सरकार इन्हें फिर से एकीकृत करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक सुचारू हो सकें और संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जा सके।
इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर विस्तार
1994 में जयपुर नगर परिषद को नगर निगम में बदला गया था। तब से अब तक कई वार्डों का पुनर्गठन हुआ, लेकिन नगर निगम की सीमा का विस्तार नहीं किया गया। पहले 70 वार्ड थे, जिन्हें 2004 में 77 और 2014 में 91 कर दिया गया था। लेकिन यह पहली बार होगा जब इतने बड़े पैमाने पर नए गांवों को जोड़ा जा रहा है।
सबसे ज्यादा गांव सांगानेर से शामिल होंगे
सांगानेर उपखंड: 46 गांव
जयपुर उपखंड: 26 गांव
आमेर उपखंड: 8 गांव
इन गांवों में शामिल होने से इन क्षेत्रों का तेजी से शहरीकरण होगा, जिससे बुनियादी ढांचे, परिवहन, जल आपूर्ति और स्वच्छता जैसी सुविधाओं में सुधार होगा। साथ ही, इन इलाकों में संपत्ति के दामों में भी बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
क्या बदलेगा आम नागरिकों के लिए?
नगर निगम द्वारा सफाई, सड़क, जल आपूर्ति और अन्य सुविधाओं का विस्तार।
संपत्तियों की कीमतों में संभावित वृद्धि, जिससे निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
शहरी नियोजन के तहत इन गांवों का अधिक व्यवस्थित विकास।












Click it and Unblock the Notifications