जयपुर में नानी के घर से 10 साल का बच्चा दो बार लापता हुआ तो हाथ पर गुदवाए नाम-पता व मोबाइल नंबर
जयपुर, 10 मई। हाथ पर गुदा हुआ नाम-पता और मोबाइल नंबर। बार-बार घर से लापता होने के कारण हाथ पर ही अपनी पहचान लिखवा डाली। यह कहानी 10 साल के उस बच्चे की है, जिसके पिता की मौत हो चुकी है। मां उसे छोड़ कर जा चुकी है। बच्चा काफी समय से मानसिक अवसाद में चल रहा है।

बच्चे के लापता होने पर उसके हाथ पर नाम-पते लिखवा दिए। ताकि कोई उसे घर पहुंचा दे। मामला चार दिन पहले का है। जब बच्चे के लापता होने पर उसकी नानी जयपुर से सीकर गई और उसे वापस लेकर आई।
बच्चा जयपुर के चांदपोल इलाके में नानी के पास रहता है। वह अचानक घर से निकल कर सिंधी कैंप पहुंच गया। सिंधी कैंप से बच्चा बस में बैठ गया। उसे पता ही नहीं था कि बस कहां जाएगी। बस में बैठ कर बच्चा सीकर पहुंच गया। इसके बाद सीकर बस डिपो में ही घूमता रहा। वहां पर लावारिश घूमते हुए पुलिस को मिला। उसे बालकल्याण समिति के पास भेजा। सदस्यों ने काउंसलिंग में पूछताछ की।
बार-बार हाथ करता रहा आगे
बाल कल्याण समिति के सदस्य कमल शर्मा ने बच्चे की काउंसलिंग की तो वह बार-बार हाथ आगे करता रहा। सदस्य कुछ नहीं समझे। उसका हाथ ध्यान से देखा तो नाम-पता और मोबाइल नंबर लिखे हुए मिले। मोबाइल नंबरों पर कॉल किया तो उसकी नानी से बात हुई। नानी काफी परेशान चल रही थी। बच्चे का पता लगने पर सीकर पहुंची।
बच्चे को तलाश करती हुई नानी जयपुर से सीकर पहुंचकर पूरी दास्तां सुनाई तो हर हैरान रह गया। तब वह उसे वापस जयपुर लेकर आई। बच्चे के माता-पिता नहीं होने के कारण पालण पोषण बुजुर्ग नानी करती है। बच्चे के दो भाई-बहन भी हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर नानी खुद मजदूरी करती है, इन बच्चों का पूरा ख्याल रखती है। दो बार बच्चा लापता हो गया तो काफी कोशिशों के बाद उसका पता लगा। पड़ोस के लोगों ने एक रास्ता निकाला कि उसके हाथ पर नाम-पता और मोबाइल नंबर लिखवा दिए जाएं। वह दो बार झुंझुनूं भी चला गया था।












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