इरफान खान : दुनिया से रुखसत होते वक्त जुबां पर था मां जिक्र, बोले-अम्मा मुझे लेने आई हैं...
जयपुर। प्रतिभावान अभिनेता इरफान खान 29 अप्रेल 2020 को दुनिया से रुखसत हो गए। वे अपनी मां सईदा बेगम से बेहद लगाव रखते थे। अंतिम सांस तक भी उनकी जुबा पर मां का ही जिक्र रहा। बुधवार अपराह्न तीन बजे मुम्बई के वर्सोवा स्थित कब्रिस्तान में इरफान खान का अंतिम संस्कार किया गया। लॉकडाउन की वजह से उनकी अंतिम यात्रा में सिर्फ 20 लोगों को जाने की इजाजत मिली।

पत्नी को बताया मां के बारे में
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बुधवार सुबह जब वे मुम्बई के कोकिलाबेन अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे थे तब इरफान ने अचानक अपनी पत्नी सुतापा सिकदर को बताया कि अम्मा (मां) कमरे में थीं। उनको ऐसा लग रहा था कि वो अपनी मौत का दर्द कम करने के लिए आई थीं। इरफान ने सुतापा से कहा- 'देखो, वह मेरी तरफ बैठी हैं, अम्मा मुझे लेने आई हैं...' ये सुनकर उनकी पत्नी बुरी तरह रोने लगीं। इन आखिरी शब्दों के साथ दुनिया से अलविदा कह गए।
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सुनाया करते थे मुनव्वर राणा
मां से बेइंतहां मुहब्बत करने वाले इरफान खान हमेशा शायर मुनव्वर राणा का शेर सुनाया करते थे और कहते कि अभी ज़िंदा है मां मेरी मुझे कुछ नहीं होगा, मैं घर से जब निकलता हूं दुआ भी साथ चलती है'। 25 अप्रैल को इरफान खान की मां सईदा बेगम का इंतकाल हो गया। लॉकडाउन की वजह से वे मां से आखिरी बार मुलाकात भी नहीं कर सके थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने मां के अंतिम दर्शन किए।

मां के पीछे-पीछे में भी चला जाऊंगा
इरफान बताते थे कि मां इतने साल जिंदा रहीं, क्योंकि इरफान उन्हें कहते थे 'अगर तू चली गई, तो पीछे-पीछे मैं भी चला आऊंगा। पहले मां और अब इरफान खान की मौत से उनका परिवार सदमे है। इरफान के भाई ने कहा कि इरफान भाई मां से आखिरी बार नहीं मिल पाएं, इसलिए मां से डायरेक्ट मिलने पहुंच गए।












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