IAF पायलटों के लिए आसमान में Flying Coffin साबित हो रहे Mig-21, जानिए क्रैश होने की 3 बड़ी वजह
बाड़मेर, 29 जुलाई। राजस्थान के बाड़मेर में भारतीय वायुसेना का लड़ाकू विमान मिग-21 क्रैश होने दो पायलट शहीद हो गए। शहीद विंग कमांडर मोहित राणा मंडी हिमाचल प्रदेश और फ्लाइट लेफ्टिनेंट अदवितिया बाल जम्मू के रहने वाले थे। दोनों ने मिग-21 में उतरलाई एयरबेस बाड़मेर से नियमित ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरी थी। थोड़ी देर बाद ही मिग-21 रात नौ बजकर 10 मिनट पर बाड़मेर की भीमड़ा ग्राम पंचायत के गांव ईशरामों का तला में रेत के टीलों पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
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मेरठ के अभिनव चौधरी भी मिग-21 क्रैश में हुए शहीद
यह कोई पहला मामला नहीं जब मिग-21 IAF पायलट के लिए जानलेवा साबित हुआ है। विंग कमांडर मोहित राणा और फ्लाइट लेफ्टिनेंट अदवितिया बाल से पहले भी मिग-21 क्रैश होने के कारण भारतीय वायुसेना को अभिनव चौधरी सरीखे कई बेहतरीन पायलट खोने पड़े हैं। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों के बेड़े में शामिल सबसे तेज, खतरनाक और भरोसेमंद लड़ाकू विमानों में से एक मिग-21 को हादसों के कारण आसमान में 'उड़ता ताबूत' भी कहा जाता है।

मिग 21 क्रैश होने की वजह
बता दें कि भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान मिग 21 के सबसे अधिक क्रैश होने की पहली वजह यह मानी जाती है कि इसके कॉकपिट की डिजाइन ऐसी होती है कि पायलट को रनवे ठीक से दिख नहीं पाता है। काफी तेज गति से उड़ता है। इन विमानों के कुछ मॉडल बहुत तेजी से लैंड करते हैं। दूसरी वजह ये भी हो सकती है मिग 21 के इंजन में फ्लेम आउट यानी अचानक आग पकड़ना भी आम है और इस कारण ही हादसे होते हैं। इनके अलावा मिग 21 क्रैश होने की एक वजह एक्सपर्ट्स ये भी मानते हैं कि भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक किसी और फाइटर जेट का न शामिल होना भी है। लंबे समय तक वायुसेना में कोई नया फाइटर जेट शामिल नहीं किए जाने से पूरा भार मिग-21 पर ही रहा।

भारतीय वायुसेना की रीढ़ हैं मिग 21
मिग 21 लड़ाकू विमानों को भारतीय वायुसेना की रीढ़ कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं है। दूसरा चौंकाने वाला पहलू ये है कि IAF में मिग 21 सबसे अधिक क्रैश होने वाला लड़ाकू विमान है। यही वजह है कि मिग 21 को 'उड़ता ताबूत' भी कहा जाता है। मतलब भारतीय वायुसेना में मिग 21 क्रैश होने से बड़ी संख्या में पायलट जान गंवाते हैं।

दो सौ से ज्यादा जवान गंवा चुके जान
बता दें कि भारत में मिग 21 अपने हादसों के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं। मीडिया की खबरों में एक्सपर्ट्स के हवाले से दावा किया जाता है कि MIG-21 विमानों के क्रैश होने से भारतीय वायुसेना के 200 से ज्यादा जवान जान गंवा चुके हैं। IAF मिग 21 विमानों को धीरे-धीरे हटाने की कवायद शुरू कर चुकी है, लेकिन अभी तक इन्हें पूरी तरह से हटाया नहीं गया है।

IAF ने दिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश
इधर, 28 जुलाई 2022 को राजस्थान के बाड़मेर जिले में मिग 21 क्रैश होने के मामले में जिला कलेक्टर लोक बंधु ने बताया कि हादसे के बाद रात को ही आग पर काबू पाकर मौके से स्थानीय लोगों की भीड़ को हटाकर पूरा इलाका वायुसेना को हैंडओवर कर दिया था। वहीं, भारतीय वायुसेना के उच्च अधिकारी लगातार हेलीकॉप्टर के जरिए घटनास्थल का हवाई निरीक्षण कर रहे हैं। साथ ही वायुसेना ने हादसे की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की आदेश दे दिए हैं।

10 मिनट में ही टूट गया था सम्पर्क
बता दें कि भारतीय वायुसेना ने बाड़मेर के गांव भीमड़ा में दुर्घटना स्थल के आस-पास का एक किलोमीटर का दायरा अपने अंडर में लेकर सीज कर दिया। बीती रात करीब 9 बजे बाड़मेर के उत्तरलाई एयरबेस से मंडी हिमाचल के रहने वाले विंग कमांडर मोहित राणा और जम्मू निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अदवितिया बल ने मिग - 21 से उड़ान भरी थी। 9 बजटर 10 मिनट पर एयरफोर्स ट्रैफिक कंट्रोल से मिग 21 का संपर्क कट गया था। फिर इसमें आग लग गई और यह क्रैश हो गया। दोनों पायलट शहीद हो गए थे।












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