Rain in Rajasthan : राजस्थान में तौकते के बाद अब इस वजह से आगामी 48 घंटे में हो सकती है भारी बारिश
जयपुर, 22 मई। इन दिनों के राजस्थान के मौसम का मिजाज बदला हुआ है। तेज धूप और तन झुलसा देने वाली लू के महीने मई में सावन का सा अहसास हो रहा है। राजस्थान में पहले तो अरब सागर से उठे तूफान तौकते की वजह से आंधी-तूफान और बारिश का दौर चला। वहीं, अब नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है, जो राजस्थान के कई जिलों में पानी बरसा रहा है। यही वजह है कि मई में अधिकतम तापमान 44 डिग्री के आसपास ही दर्ज हो रहा है।
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बीकानेर के दर्जनों गांवों में गिरे ओले
शुक्रवार रात को भी झुंझुनूं, सीकर समेत कई जिलों में जोरदार बारिश हुई है। तेज आंधी के साथ शुरू हुआ बारिश का सिलसिला करीब एक घंटे तक जारी रहा। बीकानेर के लूणकरणसर क्षेत्र के गांव कपूरीसर, मलकीसर, बड़ा छोटा कपूरीसर, पीपेरा, अजीतनामा, शेखसर, मेहराणा व इनके आस-पास के गांवों में आंधी, बारिश व ओलावृष्टि की खबर है।

आगामी 48 घंटे में हो सकती है बारिश
राजस्थान मौसम विभाग ने आगामी दो दिन तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताई है। हालांकि इसका असर शुक्रवार से ही प्रदेश में शुरू हो गया है। कुछ जिलों में आंधी के साथ हल्की बारिश भी हुई। शनिवार व रविवार को पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के भागों में थंडरस्टॉर्म के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।

जोधपुर बीकानेर संभाग तेज अंधड़ की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार जोधपुर, बीकानेर संभाग के जिलों में तीव्र थंडरस्टॉर्म, अचानक तेज हवाएं या धूल भरी आंधी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। वहीं जयपुर व भरतपुर संभाग में भी तेज हवा (30-40 किमी प्रतिघंटे) के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान तापमान भी सामान्य से कम यानी 40 डिग्री के आस-पास ही बना रहेगा।

मई के अंत तक केरल पहुंचेगा मानसून
मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि तौकते का असर खत्म हो चुका है। अब एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके कारण थंडरस्टॉर्म गतिविधियों की संभावना है। इनका मानसून पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। मानसून 30-31 मई तक केरल पहुंचेगा। उसके बाद ही राजस्थान में मानसून आने की तारीख पता लगेगी।
22 मई को यहां बारिश की संभावना
शनिवार : श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं, जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर, जालोर, नागौर, जयपुर, अलवर, भरतपुर और सीकर।

23 मई को यहां हो सकती है बारिश
रविवार : श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर, जयपुर, अलवर, सीकर, अजमेर और टोंक।

पश्चिमी विक्षोभ क्या होता है?
बता दें कि पश्चिमी विक्षोभ या वेस्टर्न डिस्टर्बन्स मौसम विभाग की तकनीकी भाषा है। इसका मतलब भूमध्यसागरीय क्षेत्र में उत्पन्न होने वाला एक तूफान है, जो भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी भागों में अचानक बारिश लाता है। यह बरसात मानसून की बरसात से अलग होती है। आने वाले तूफान या कम दबाव वाले क्षेत्र भूमध्यसागरीय क्षेत्र, यूरोप के अन्य भागों और अटलांटिक महासागर में उत्पन्न होते हैं।












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