Gujarat Assembly Election 2022 में 43 सीटों पर होगा कड़ा मुकाबला, राजस्थान के नेता बिछा रहे यह बिसात
Gujarat Assembly Election 2022 में गुजरात के 8 जिलों की 43 सीटें ऐसी है। जहां बेहद कड़ा और दिलचस्प मुकाबला होना है। गुजरात विधानसभा की यह वह सीटें हैं। जिन पर कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला होगा। इन सीटों का जिम्मा राजस्थान के नेताओं को दिया गया है। भाजपा हो या कांग्रेस दोनों तरफ से राजस्थान के नेता भेजे गए हैं। वहीं दोनों दलों के कार्यकर्ता इन सीटों पर बूथ प्रबंधन से लेकर रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कांग्रेस में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और रघु शर्मा अहम भूमिका में हैं। आपको बता दें गुजरात में 50 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में राजस्थान से जुड़े मतदाता हैं। गुजरात 8 जिलों अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर, पालनपुर, जामनगर में बड़ी तादाद में राजस्थानी है। इनमें दक्षिणी राजस्थान के आदिवासियों की बड़ी तादाद है।
Recommended Video

कांग्रेस में अशोक गहलोत और रघु शर्मा का नेतृत्व
कांग्रेस में सीएम अशोक गहलोत गुजरात के विधानसभा चुनाव के वरिष्ठ पर्यवेक्षक और राजस्थान के पूर्व मंत्री डॉ रघु शर्मा संगठन मामलों के प्रभारी हैं। अशोक गहलोत अब तक चार बार गुजरात के विभिन्न जिलों का दौरा कर चुके हैं। अशोक गहलोत शनिवार से फिर तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर जा रहे हैं। गहलोत ने अपनी सरकार के 10 मंत्रियों और दो दर्जन विधायकों को गुजरात विधानसभा चुनाव अभियान के लिए तैनात किया है।

भाजपा की चुनाव कैंपेन की कमान सुशील कटारा के हाथ में
गुजरात में रहने वाले राजस्थानी और राजस्थान में रहने वाले गुजराती समाज से भाजपा के 107 नेता संपर्क साध रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया लगातार गुजरात में सभाएं करेंगे। राजस्थान बीजेपी की तरफ से गुजरात में पूरे चुनावी कैंपेन की कमान प्रदेश महामंत्री सुशील कटारा और प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण सिंह देवल को दी गई है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, भूपेंद्र यादव, अर्जुन मेघवाल, कैलाश चौधरी, सांसद राजेंद्र गहलोत को यहां चुनावी जिम्मा दिया गया है।

गुजरात की 43 सीटों पर कड़ा मुकाबला, दोनों दलों को मिली 21-21 सीट
उत्तर गुजरात के 8 जिलों में 43 विधानसभा क्षेत्र हैं। इसमें अहमदाबाद, गांधीनगर, कच्छ-भुज, बनासकांठा, साबरकांठा, मेहसाणा, पाटन, अरावली जिले शामिल है। इनमें कांग्रेस और भाजपा को 21-21 सीटें मिली थी। एक पर अन्य प्रत्याशी विजय रहा था। राजस्थान से लगे तीन जिलों बनासकांठा, साबरकांठा, कच्छ में 19 सीटों पर सबसे ज्यादा कांटे का मुकाबला देखने को मिला था। बनासकांठा में 9 में से 5 सीट कांग्रेस और तीन भाजपा को मिली थी। वही साबरकांठा में 4 में से 3 भाजपा और 1 सीट कांग्रेस को मिली थी। कच्छ में 6 में से 4 सीट भाजपा व दो कांग्रेस को मिली थी। यह वे सीटें हैं, जिनका सीधा राजस्थान के साथ कनेक्शन था। अब इन सीटों पर कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेता चुनावी बिसात बिछा रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications