Rajasthan में गहलोत के मंत्रियों में गुलाम शब्द पर जुबानी तकरार, जोशी के जवाब पर बदले खाचरियावास के सुर
Rajasthan के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मंत्रियों के बीच चल रहे खेमेबाजी के खेल में जुबानी तकरार में खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के गुलामी करने के बयान का जलदाय मंत्री महेश जोशी ने जवाब दिया तो प्रताप सिंह ने सुर बदलते हुए गुलाम शब्द वापस लेने की बात कही। मंत्री महेश जोशी ने गुलामी का ठेका लेने की बात का जवाब देते हुए कहा कि प्रताप सिंह ने मुझे गुलाम बताया। लोग मुझे मेरी गुलामी का स्तर पूछ रहे हैं। हां मैं गुलाम हूँ। पार्टी का गुलाम हूँ। अच्छे बर्ताव और संयम से अपनी बात कहने का गुलाम हूँ। इतना ही नहीं जोशी ने अपनी बात कहते हुए कहा कि कभी मैंने किसी को मां बहन की गाली नहीं दी। जो बोलते हैं। वह उनकी मानसिकता का परिचय है।

महेश जोशी के जवाब पर खाचरियावास के बदले सुर
जोशी के जवाब के बाद प्रताप सिंह खाचरियावास के तेवर ठंडे पड़ते नजर आए। उन्होंने कहा कि महेश जोशी की भावनाओं को ठेस पहुंची है। वह हमारे सीनियर कांग्रेस लीडर है। हमारे बड़े भाई हैं मेरा यह मानना है कि मैंने जो कल भावना व्यक्त की और जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उससे उनकी भावना को ठेस पहुंची मुझे महसूस हुआ कि ऐसा नहीं बोलना चाहिए था। यह गलत है लेकिन एसीआर को लेकर प्रताप सिंह खाचरियावास ने मोर्चा खोल रखा है। एसीआर भरने और गुलाम होने की बात को लेकर महेश जोशी ने कहा कि प्रताप सिंह को यदि अपने विभाग के अधिकारियों से दिक्कत होगी तो वह और मुख्यमंत्री ठीक कर देंगे। आप लोकतंत्र में रहते हैं फासिस्ट लोग नहीं हैं। लोकतंत्र में असहमति का अपना स्थान होता है।

एसीआर भरने का अपना सिस्टम होता
महेश जोशी ने एसीआर भरने के खाचरियावास के चैलेंज पर पलटवार किया है। जोशी ने कहा कि जहां तक एसीआर भरने की बात है। एक शब्द है। एसीआर यानी अप्रेजल परफॉर्मेंस रिपोर्ट। इसे एसीआर भी कहते हैं। एसीआर लिखने का अपना सिस्टम है। सरकार ने इसमें तीनों अथॉरिटी बना रखी है। राजस्थान में एसीआर लिखने का सिस्टम है। किसी विभाग में इसमें सेक्रेटरी हेड ऑफ डिपार्टमेंट है। उस में एसीआर लिखने का अधिकार मंत्री का होता है। लेकिन जहां दो मंत्री होते हैं। वहां सीएम एसीआर भरते हैं। यह जानकारी किसी को पता है या नहीं। 2008 से ही सर्कुलर है। अगर किसी ने नहीं पढ़ा हो तो 2008 का सर्कुलर पढ़ लें। इसमें वह कुछ संशोधन चाहते हैं तो सीधे उनसे बात करें। मीडिया में जाकर और अपने मुख्यमंत्री तक पहुंचाना। यह जरूरी नहीं है कि सब का एक सिस्टम है। मुख्यमंत्री से बात की जा सकती है। इस तरीके से मीडिया में बात करने की परंपरा नहीं होनी चाहिए।

महेश जोशी बोले शालीन व्यवहार का गुलाम
महेश जोशी ने कहा कि मैं शालीन व्यवहार का गुलाम हूँ। सभ्यता से बोलने का गुलाम हूँ। किसी को गाली गलौज नहीं करता। मेरी किसी बात से कोई खुश है या डर पैदा नहीं होता। सभ्य तरीके से अपनी बात रखता हूँ। एक मानव स्वभाव में जो बात होती है। जो गुणों की श्रेणी में आती है। उन्होंने कहा कि मैं सहमत रहा हूँ या नहीं रहा हूँ। लेकिन मैं कभी किसी के सम्मान में कोई कमी नहीं करता।

खाचरियावास बोले अपने शब्द वापस लेता हूँ
महेश जोशी के पलटवार के बाद खाद्य मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास के तेवर बदल गए हैं। खाचरियावास ने कहा कि मेरा एक नेचर है। कल जब परसादी लाल की बात आई तो मैंने उनके लिए भी स्टैंड लिया। जब मेरी बात को कोई खंडन करता है तो मुझे बुरा लगता है। मेरा कहना यही था कि एसीआर मेरा राइट था। जो मिनिस्टर को मिलना चाहिए। जब मैं बोला और उस मामले में महेश जोशी को ठेस पहुंची है तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूँ। उनसे जाकर मैं मिलूंगा। प्रताप सिंह खाचरियावास ने यह भी कहा कि जो कर्मचारी काम नहीं करेगा। उनके खिलाफ एक्शन होगा और यदि एक्शन नहीं लिया तो सरकार का क्या मतलब है।

खाचरियावास ने महेश जोशी को लेकर दिया था गुलाम वाला बयान
गहलोत सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने महेश जोशी को लेकर गुलाम शब्द वाला बयान दिया था। आईएएस अधिकारियों के एसीआर भरने का अधिकार मंत्रियों को देने का मुद्दा उठाने वाले मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने महेश जोशी को लेकर यह बयान दो दिन पहले दिया था। प्रताप सिंह खाचरियावास ने गुरुवार को कहा था कि किसी को भी बेवजह गुलामी नहीं करनी चाहिए। लेकिन अगर आपने गुलामी का ठेका ले ही लिया है तो करो गुलामी। उसके बाद खाचरियावास ने शुक्रवार को अपना बयान वापस लेते हुए कहा कि मेरे शब्दों से महेश जोशी को ठेस पहुंची है। मैं खुद उनके घर जाऊंगा। उनसे मिलूंगा। खाचरियावास के इस बयान से मंत्री महेश जोशी मुखर होकर सामने आए थे।












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