Rajasthan में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने उठाए ब्यूरोक्रेसी पर सवाल, सियासी गलियारों में है यह चर्चा
Rajasthan में खेल मंत्री अशोक चांदना के बाद अब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी के हावी होने को लेकर नाराजगी जताई है। खाचरियावास ने कहा मेरा विभाग ऑनलाइन है। यहां करप्शन नहीं हो सकता है। जो भी आईएसएस विभाग में आता है। वह यही सोचता है कि यहां क्या करेंगे। लेकिन बाद में यही अक्सर जुगाड़ कर दूसरी जगह चले जाते हैं। खाचरियावास ने तो इन अधिकारियों की एसीआर भरने की मांग तक कर डाली। अभी प्रदेश में यह अधिकार मुख्यमंत्री के पास है।

प्रमुख सचिव को जानकारी देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बुधवार को बताया कि राज्य को मिलने वाला 46 हजार टन गेहूं लेप्स हो गया। जिन अफसरों ने जनता का गेहूं लेप्स करवा दिया। उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय प्रमोशन कर दूसरे विभाग में भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि सीएम के प्रमुख सचिव कुलदीप राका को भी मैंने इस मामले की जानकारी दी। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। क्या सीएम के प्रमुख सचिव की भी कुछ जिम्मेदारी है या नहीं है।

गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को मिली पदोन्नति
खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि जिस अफसर ने गड़बड़ी कि उसे पदोन्नति देकर अक्षय ऊर्जा निगम में भेज दिया गया। उन्होंने सीएम को चिट्ठी लिखकर आईएस आशुतोष पेडणेकर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा है। खाचरियावास की ओर से इस बाबत मुख्य सचिव को भी अवगत करवाया गया है। जनता एमएलए मंत्री को जितवा कर भेजती है। अफसर अगर उनकी ही बात नहीं मानेंगे तो कैसे चलेगा।

दिव्या मदेरणा और संयम लोढ़ा ने किया खाचरियावास की मांग का समर्थन
राजस्थान में आईएएस अफसरों की एसीआर भरने के अधिकार मंत्रियों के दिए जाने को लेकर मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास द्वारा उठाई गई मांग का कांग्रेस विधायक दिव्या मदेरणा और सीएम सलाहकार संयम लोढ़ा ने भी समर्थन किया है। दिव्या मदेरणा ने कहा कि जोधपुर में कलेक्टर की विफलता के संबंध में और गरीब लोगों के साथ अत्याचार और लूट में शामिल भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के संबंध में वे भी अब प्रताप सिंह खाचरियावास की तर्ज पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगी। वही सीएम सलाहकार संयम लोढ़ा ने ट्वीट कर लिखा कि नागरिकों के प्रति प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए उचित होगा कि विभाग में कार्यरत आईएएस अधिकारियों की एसीआर विभाग के मंत्री द्वारा लिखी जाए। मंत्री खाचरियावास की मांग पूरी तरह से जनहित में हैं।

खेल मंत्री अशोक चांदना ने भी उठाई थी कुलदीप रांका के खिलाफ आवाज
राजस्थान में मंत्री और अफसरों का मनमुटाव नया नहीं है। कुछ समय पहले खेल मंत्री अशोक चांदना ने भी सीएम के प्रमुख सचिव कुलदीप रांका के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने सवाल उठाया था कि जब फाइलें रांका के पास जाएगी तो उनका मंत्री बनने का क्या औचित्य है। इस मामले से राजस्थान की सियासत बड़ा बवाल हुआ था।

पिछले दिनों सचिन पायलट ने की थी प्रताप सिंह खाचरियावास से मुलाकात
राजस्थान में पिछले महीने हुए सियासी बवाल के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट गहलोत सरकार के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास से मिलने उनके आवास पर पहुंचे थे। यहां दोनों नेताओं ने बैठकर लंबी बातचीत की थी। इस बैठक के तुरंत बाद प्रताप सिंह खाचरियावास ने सीएमओ में जाकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की थी। सियासी गलियारों में उनके राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी पर उठाए गए सवाल को पायलट से उनकी मुलाकात से जोड़कर देखा जा रहा है।












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