Flashback 2022: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के चर्चा में रहने वाले चार अहम फैसले, जानिए विस्तार से
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के चार अहम फैसले जो देश प्रदेश में चर्चा में रहे। प्रदेश सरकार की ओपीएस ने हिमाचल चुनाव में धूम मचाई। गहलोत के यह फैसले दूरगामी परिणाम वाले साबित होंगे।

Flashback 2022: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार के 4 साल में अनगिनत ऐसे फैसले किए हैं। जिनके दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। पिछले 4 साल में अशोक गहलोत सरकार के 4 फैसले जनता की कसौटी में बेहद लुभावने व जनहित के रहे। जिन्होंने देश भर में हलचल मचा दी। गुजरात और हिमाचल के विधानसभा चुनाव में इन मुद्दों की खास चर्चा रही। कर्मचारियों के लिए ओपीएस ने केंद्र में बैठी भाजपा को चक्कर में डाल दिया। मनरेगा की तर्ज पर शहरी रोजगार योजना देश में नई शुरुआत मानी जा रही है। चिरंजीवी, निरोगी राजस्थान, उड़ान योजनाओं ने आमजन को स्वास्थ्य की चिंता से मुक्ति दिलाने में मील का पत्थर गढ़ दिया। अनिवार्य एफआईआर के निर्णय से सरकार ने अपराध बढ़ने की निंदा झेली। लेकिन कदम पीछे नहीं हटाए।

ओपीएस का तोड़ तलाशेगी भाजपा
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी इच्छाशक्ति से राजकीय कार्मिकों को रिटायरमेंट के बाद भी सुरक्षा का एहसास करने के लिए फिर से ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की। इच्छाशक्ति इसलिए कि यह मालूम होने के बावजूद भी कि इस स्कीम को लेकर केंद्र सरकार आड़े आएगी। गहलोत ने कदम पीछे नहीं हटाए। गहलोत की देखा देखी गैर कांग्रेसी राज्यों ने भी इस स्कीम को लेकर केंद्र को आंखें दिखा दी। आज पूरे देश के कर्मचारी जगत में इस ओपीएस को लेकर चर्चा है। केंद्र में बैठी भाजपा भी इस मुद्दे का तोड़ तलाशने में जुटी है।

स्वास्थ्य की चिंता अब नहीं
प्रदेश में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 के दौरान केवल 19 फीसदी परिवार ही स्वास्थ्य बीमा के दायरे में थे। लेकिन पांचवें सर्वे के अनुसार अब राजस्थान के 88 फीसदी परिवार स्वास्थ्य बीमा से जुड़े हैं। जिसके चलते देश में राजस्थान पहले स्थान पर हैं। इसका श्रेय केवल और केवल मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना को जाता है। जिसके चलते प्रदेश में लोग महंगे इलाज की चिंता से मुक्त हो गए हैं। प्रदेश के नागरिकों को गहलोत सरकार ने भरोसा दिया हुआ है कि कैसी भी बीमारी हो, दुर्घटना हो, बिना पैसे की चिंता किए महंगे से महंगे अस्पताल में इलाज करवा सकते हैं। गहलोत के ड्रीम प्रोजेक्ट चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना से जिसमें दिल की बीमारी से लेकर कैंसर तक का इलाज पूरी तरह निशुल्क है। इतना ही नहीं अंग प्रत्यारोपण जैसी चिकित्सा भी पूरी तरह निशुल्क हैं। गहलोत सरकार की मातृशक्ति को सम्मान देने के लिए शुरू की गई देशभर में पहली अनूठी योजना आईएम शक्ति उड़ान भी चर्चित फैसला रही है।

शहर में रोजगार की पहल राजस्थान से
राजस्थान में रोजगार की गारंटी योजना अक्षरों में भी लागू हो गई है। सरकार का दावा है कि बेरोजगारों को काम देने वाली यह देश की पहली सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना है। जो राजस्थान में शुरू हुई है। योजना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव की तर्ज पर शहरों में भी हर हाथ को रोजगार मुहैया करवाने के लिए राज्य सरकार गंभीर है। पूरे देश में सबसे पहले राजस्थान के शहरवासियों को रोजगार देने के लिए इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के रूप में ऐतिहासिक पहल की गई है। अब राज्य सरकार योजना के तहत शहरों के हर जरूरतमंद परिवार को 100 दिन का रोजगार मुहैया करा रही है।

पुलिस थाने में सुनो फरियाद
किसी शासन में सुशासन का दावा किया जाए तो उसका आकलन वहां की कानून व्यवस्था के आधार पर किया जाता है। इस व्यवस्था को तोलने का पैमाना दर्ज एफआईआर होती है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसकी परवाह किए बगैर देश में सबसे पहले राजस्थान में एफआईआर दर्ज करने की गाइडलाइन जारी की। इससे प्रदेश में मुकदमों की संख्या में भारी इजाफा हुआ। लेकिन गहलोत इससे विचलित नहीं हुए। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री तक को इस विश्वास के साथ पत्र भी लिखा कि आज नहीं तो कल देशभर में अनिवार्य एफआईआर लागू करने का कानून बनाया जाएगा।












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