केंद्र सरकार के नदी जोड़ो प्रोजेक्ट में शामिल हुई ईआरसीपी, जयपुर में बोले गजेंद्र सिंह शेखावत
केंद्र सरकार ने ईआरसीपी को नदी जोड़ो प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जयपुर में यह दावा किया है। इस दौरान शेखावत ने राज्य सरकार भी पर निशाना साधा है।
केंद्र सरकार ने ईस्टर्न राजस्थान कैनल प्रोजेक्ट को नदी जोड़ो प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को जयपुर में बताया कि प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने रिवर इंटरलिंकिंग में शामिल कर लिया है। प्रोजेक्ट के तहत चंबल, पार्वती, कालीसिंध को आपस में जोड़ा जाएगा। शेखावत ने कहा कि राज्य सरकार ने 50 फ़ीसदी डिपेंडेबिलिटी पर ईआरसीपी प्रोजेक्ट भेजा है। राज्य सरकार को इसमें बदलाव करके इसे 75 फ़ीसदी करना होगा तो ईआरसीपी 90 फीसदी केंद्र सरकार देगी।

मोदी सरकार ने लागू की जनकल्याणकारी योजनाएं
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि मोदी सरकार ने वर्ष 2014 में सत्ता में आने के साथ ही कई जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया है। जब राजस्थान से वसुंधरा राज्य के नेतृत्व वाली सरकार चल रही थी। तब राज्य केंद्र की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में पहले, दूसरे और तीसरे पायदान पर था। लेकिन जब वर्ष 2018 में सरकार बदली तो केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाएं राज्य में धीरे-धीरे पटरी से उतर गई। आलम यह है कि राज्य सरकार केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के मामले में निचले पायदान पर है। राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना की रफ्तार कमजोर हुई है। प्रदेश के 12 में से 3 जिले दौसा, झुंझुनू, राजसमंद ऐसे हैं। जिनमें शून्य काम हुआ है। केंद्र ने मांग के अनुरूप खाद्य उपलब्ध कराया। लेकिन राज्य में कालाबाजारी चरम पर है।

जल जीवन मिशन में पिछड़ा राजस्थान
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जल जीवन मिशन को लागू करने में जहां पूरे देश में तेजी से प्रगति हो रही है। वही राजस्थान सरकार इस महत्वपूर्ण योजना को लागू करने में बहुत पीछे है। राजस्थान सरकार केंद्र द्वारा दी गई धनराशि को खर्च नहीं कर पाई है। राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में 125 जिले ऐसे हैं। जो 100 प्रतिशत नल से जल उपलब्ध होने की दिशा में आगे हैं। लेकिन राजस्थान का एक भी जिला और ब्लॉक इस श्रेणी में शामिल होने की स्थिति में नहीं पहुंच पाया है। देश में जहां जल जीवन मिशन योजना की ग्रोथ 40 प्रतिशत से अधिक है। वहीं राजस्थान में केवल 20 प्रतिशत है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राजस्थान सरकार इस महत्वपूर्ण योजना को लागू करने में कितनी सुस्त है।













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