Asian Games 2023: कौन है राजस्थान की दिव्यकृति सिंह, जिसने एशिया गेम्स में रच दिया इतिहास
Divyakirti Singh Asian Games 2023: एशियाई खेल 2023 में भारतीय घुड़सवार दिव्यकृति सिंह, हृदय छेड़ा, अनुश अग्रवाला और सुदीप्ति हजेला की जोड़ी ने इतिहास रच दिया। इन्होंने स्वर्ण पदक जीता है, जिससे भारत का स्वर्ण पदक का 41 साल का इंतजार खत्म हो गया।
स्वर्ण पदक जीतने वाले इन घुड़सवारों को देशभर से बधाई दी जा रही है। पीएम नरेंद्र मोदी व पूर्व महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर इन्हें शुभकामनाएं दी हैं। एशियाई खेलों में सोना जीतकर देश का मान बढ़ाने वाले घुड़सवारों में शामिल 23 वर्षीय दिव्यकृति सिंह सिंह राजस्थान के जयपुर की रहने वाली हैं।

मीडिया से बातचीत में दिव्यकृति सिंह के परिजनों ने बताया कि उनकी होनहार बेटी ने अजमेर के प्रसिद्ध मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल से पढ़ाई की। सातवीं कक्षा में थीं तब ही घुड़सवारी शुरू कर दी थी। अपने स्कूल की घुड़सवारी टीम की कप्तान भी रही। स्नातक की पढ़ाई दिल्ली के जीसस एंड मैरी कॉलेज से की। साल 2020 में प्रशिक्षण के लिए यूरोप चली गईं थी। भारत की तुलना में विदेश में घुड़सवारी का प्रशिक्षण ज्यादा अच्छा है।
एशियाई खेल 2023 में हिस्सा लेने से पहले जर्मनी के हेगन एटीडब्ल्यू से प्रशिक्षण लिया। एड्रेनालिन फ़िरफोड की सवारी करने वाली दिव्यकीर्ति इस साल की शुरुआत में ड्रेसाज में एशिया की नबंर एक खिलाड़ी बनीं थीं। दिव्यकीर्ति राजस्थान की पहली महिला खिलाड़ी भी बन गई, जिन्होंने एशियन गेम्स में ड्रेसाज में मेडल जीता है।
दिव्यकीर्ति को विरासत में मिली घुड़सवारी
बता दें कि दिव्यकीर्ति के पिता विक्रम सिंह राठौड़ लंबे समय तक राजस्थान पोलो संघ से जुड़े रहे हैं। बेटी की कामयाबी पर उन्होंने कहा कि यह पल उनके लिए ऐतिहासिक है। खुद विक्रम सिंह भी पत्नी व बेटे के साथ हांगझाऊ में ही मौजूद हैं।
चीन और हांगकांग को पीछे छोड़ा
भारतीय चौकड़ी ने मंगलवार को चीन (204.882%) और हांगकांग (204.852%) को पीछे छोड़ते हुए 209.205 प्रतिशत अंक हासिल इतिहास रच दिया। भारत ने घुड़सवारी में पिछला स्वर्ण पदक नई दिल्ली में 1982 में हुए एशियाई खेलों में जीता था। 41 साल बाद अब 2023 में जीता है।












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