क्या IPAC की अटकलें बनी प्रशांत किशोर के TDP से जुड़ने की वजह ? जानिए पूरा मामला
राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने IPAC के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला कर लिया है। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि IPAC ने प्रशांत किशोर के जनस्वराज अभियान से दूरी बना रखी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या प्रशांत किशोर का टीडीपी के करीब जाना IPAC को चेतावनी देना समझ जा सकता है। आपको बता दें कि प्रशांत किशोर इलेक्शन मैनेजमेंट में माहिर माने जाते हैं। राजनीतिक रणनीतिकार के तौर पर वे कई राज्यों में काम कर चुके हैं।
क्या होगा IPAC का भविष्य
इंडियन पॉलीटिकल एक्शन कमेटी की स्थापना प्रशांत किशोर ने की थी। चर्चा है कि अब IPAC और प्रशांत किशोर के बीच रिश्ते ठीक नहीं है। प्रशांत किशोर ने अब आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव में टीडीपी की मदद करने का फैसला किया है। ऐसे में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या IPAC अपनी बुनियाद को भूलना चाह रहा है या प्रशांत किशोर को भूलना चाह रहा है। क्योंकि IPAC आंध्र प्रदेश में YSRCP के साथ काम कर रही है। अगर YSRCP विधानसभा चुनाव हार जाती है तो सवाल उठ रहे हैं कि IPAC का भविष्य क्या होगा।

TDP जीती तो क्या बढ़ेगा जनस्वराज पार्टी का समर्थन
आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के जगनमोहन रेड्डी ने विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 175 सीटें जीतने का लक्ष्य बना रखा है। इसके लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। वही टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को जिताने के लिए प्रशांत किशोर मदद कर रहे हैं। ऐसे में इस बात की भी चर्चा है कि आंध्र प्रदेश में अगर तड़प जीत जाती है तो क्या प्रशांत किशोर की जनस्वराज पार्टी का समर्थन बढ़ जाएगा।












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