देवेंद्र झाझड़िया की 10 वर्षीय बेटी जिया, पत्नी व मां ने उनके ग्रांड वेलकम के लिए कर रखी है यह खास तैयारी
जयपुर, 30 अगस्त। टोक्यो पैरालंपिक 2020 में पुरुषों की भाला फेंक प्रतियोगिता में देवेंद्र झाझड़िया ने रजत पदक जीता है। सोमवार सुबह देवेंद्र झाझड़िया के पदक जीतने की खबर के साथ ही परिजनों को बधाई संदेश मिलने शुरू हो गए। परिवार का कोना-कोना खुशी से सराबोर हो उठा। मानो अगस्त में ही दीवाली आ गई हो।

देवेंद्र झाझड़िया के परिवार का इंटरव्यू
राजस्थान की राजधानी जयपुर के चित्रकूट में रह रहे देवेंद्र झाझड़िया के परिवार से वन इंडिया हिंदी की टीम ने खास बातचीत की। मां जीवणी देवी, पत्नी मंजू झाझड़िया और बेटी जिया ने देवेंद्र झाझड़िया की जीत पर फूले नहीं समा रही हैं।
Recommended Video

देवेंद्र झाझड़िया की बेटी जिया से भी हुई बात
दस वर्षीय बेटी जिया तो पदक विजेता पिता के टोक्यो से लौटने पर ग्रांड वेलकल की तैयारियों में पिछले कई दिन से जुटी हुई है। सोमवार सुबह पिता देवेंद्र झाझड़िया ने जिया को वीडियो कॉल करके पर सिल्वर पदक जीतने के बारे में बताया उसके बाद से तो जिया अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गई।

परिजनों से सात माह बाद मिलेंगे देवेंद्र झाझड़िया
5वीं कक्षा में पढ़ रही जिया कहती है कि सुबह पापा से वीडियो कॉल के जरिए बात हुई थी। वे बहुत खुश लग रहे थे। देवेंद्र ने जिया से कहा कि वे भारत के लिए टोक्यो से सिल्वर पदक लेकर आ रहे हैं। साथ ही इस बात की भी खुशी जताई थी कि वे जिया से सात माह बाद मिलेंगे।

बेटी बोली-पूरा भरोसा था पापा के वादे पर
जिया कहती है कि मुझे पापा पर पूरा भरोसा था। वे रियो पैरालंपिक में गए तब भी पदक का वादा किया और पूरा करके दिखाया। रियो से वे एथेंस 2004 का खुद का विश्व रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक लाए थे। इस बार भी पदक लाने का वादा करके गए थे।

बेटी का हर ख्वाब पूरा करते हैं देवेंद्र झाझड़िया
जिया देवेंद्र को अपना बेस्ट पापा कहते हुए बताती हैं कि उनके पापा हर वादा पूरा करते हैं। उन्हें खेल किट दिलाने का वादा किया था, जिसे उन्हें पिछले साल पूरा कर दिया। खेलों में पदक का वादा भी हर हाल में पूरा करते हैं।

अवनि लेखरा, सुंदर सिंह गुर्जर भी राजस्थान से
देवेंद्र झाझड़िया के भाई अरविंद झाझड़िया कहते हैं कि यूं तो राजस्थान में यहां टोक्यो पैरालंपिक खिलाड़ी स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अवनि लेखरा, जैवलिन थ्रो में रजत पदक देवेंद्र झाझड़िया और कांस्य पदक विजेता सुंदर सिंह गुर्जर के शानदार स्वागत की तैयारियां शुरू हो गईं, मगर दस वर्षीय भतीजी जिया की तैयारियां स्पेशल हैं।

जिया ने तैयार किए 20 स्पेशल कार्ड
जिया कहती हैं कि पापा शायद दो सितम्बर के आस-पास इंडिया आ सकते हैं। उनके स्वागत के लिए 20 स्पेशल कार्ड तैयार किए हैं। सभी कार्डों पर पैरालंपिक का लोगो भी लगाया है और पिता को अच्छी लगने वाली बातें लिखी हैं। वे जब घर आएंगे तब ये कार्ड उनको देंगी।

देवेंद्र झाझड़िया की पत्नी मंजू क्या बोलीं?
मूलरूप से राजस्थान के चूरू जिले की राजगढ़ तहसील के गांव देवीपुरा की झाझड़िया की ढाणी के रहने वाले देवेंद्र झाझड़िया की शादी साल 2007 में पड़ोस के गांव चिमनपुरा की पूर्व कब्बडी खिलाड़ी मंजू झाझड़िया से हुई थी। वन इंडिया हिंदी से बातचीत में मंजू कहती हैं कि पूरा भरोसा था कि वे पदक जरूर लेकर आएंगे। सोमवार सुबह पांच मिनट उनसे बात हुई थी। परिवार में हर कोई उनकी जीत के लिए दुआ कर रहा था।

जोर को ही काम कर दियो बेटो देवेंद्र-मां जीवणी देवी
देवेंद्र झाझड़िया का जन्म 10 जून 1981 को जीवणी देवी व रामसिंह झाझड़िया के घर हुआ था। पिता की पिछले साल बीमारी की वजह से मौत हो गई। मां जीवणी देवी ने वन इंडिया हिंदी से बातचीत में कहा कि 'बेटे को आशीर्वाद देकर भेजा था पदक तो आना ही था। बेटो छोटी सी उम्र में जोर को काम कर दिया। भारत आने के बाद गांव व जयपुर में सवामणि करूंगा। सालासर बालाजी की कृपा से बेटा कामयाब हुआ है'
Devendra Jhajharia से जुड़ी खबरें












Click it and Unblock the Notifications