राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला : ऐसे प्रेमी जोड़े नहीं रह सकते लिव इन रिलेश्नशिप में, ना इन्हें मिलेगी सुरक्षा
जयपुर, 30 अप्रैल। राजस्थान हाईकोर्ट में लीव इन रिलेशनशिप का मामला गरमाया हुआ है। दरअसल 21 वर्षीय प्रेमिका के साथ लीव इन में रह रहे 19 साल के युवक को राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश पंकज भंडारी की एकलपीठ ने सुरक्षा दिलाने से इनकार कर दिया है और कहा है कि याचिकाकर्ता युवक की उम्र महज 19 साल है।

ऐसे में वह न्यूनतम वैवाहिक उम्र भी पूरी नहीं कर रहा है। इसलिए वे लीव इन रिलेशनशिप में भी नहीं रह सकते हैं। युवती मीनाक्षी और उसके प्रेमी तरुण ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट को बताया कि वे लीव इन रिलेशनशिप में रहते हैं।
उन्हें अपने परिजनों से जान का खतरा है। इसलिए उन्हें पुलिस सुरक्षा दिलाई जाए। जिसका विरोध करते हुए सरकार का कहना था कि समाज में अभी लीव इन रिलेशनशिप को मान्यता नहीं है। याचिकाकर्ता युवती भले ही वैधानिक रूप से शादी की उम्र पूरी कर चुकी है, लेकिन युवक अभी 19 साल का ही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जब वे विवाह ही नहीं कर सकते तो लीव इन रिलेशनशिप में भी रहने के अधिकारी नहीं है। बाद में हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर याचिकाकर्ताओं प्रेमी युगल को सुरक्षा दिलाने से इनकार कर दिया।












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