Congress President मल्लिकार्जुन खड़गे नई टीम को लेकर दुविधा में, उदयपुर संकल्प लागू करना चुनौतीपूर्ण
Congress President मलिकार्जुन खड़गे अपनी नई टीम बनाने को लेकर बड़ी दुविधा में हैं। उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष बनने के साथ यह घोषणा कर दी थी कि वे उदयपुर संकल्प को लागू करेंगे। जिसके मुताबिक कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों तथा पार्टी पदाधिकारियों के पदों में से 50 फ़ीसदी पदों पर 50 वर्ष से कम उम्र के लोग नियुक्त किए जाएंगे। खड़गे को लोकसभा चुनाव 2024 तथा इस साल और अगले साल राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में परिणाम भी देना है। इसके लिए खड़गे को संगठन में अनुभवी लोगों को लेना होगा।

अनुभवहीन नौजवान पीढ़ी बेहतर परिणाम नहीं दे सकती
कांग्रेस पदाधिकारी के रूप में करीब-करीब अनुभवहीन नौजवान पीढ़ी को लेकर बेहतर परिणाम नहीं किए जा सकते हैं। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा नियुक्त सभी पार्टी पदाधिकारियों ने इस्तीफे दे दिए हैं। लेकिन खड़गे ने उनसे कहा है कि नई व्यवस्था होने तक वह लोग अपने पदों पर बने रहें। अगर खड़गे 50 साल से कम उम्र वाला फार्मूला लागू करते हैं तो वर्तमान 10 महासचिवों में से एक भी व्यक्ति नियुक्त होने का पात्र नहीं होगा। क्योंकि उन सब की उम्र 50 वर्ष से अधिक है। जहां तक 12 प्रदेश प्रभारियों का सवाल है। केवल तेलंगाना के प्रभारी माणिक टैगोर जो तमिलनाडु से सांसद भी हैं। 50 साल से कम उम्र के हैं। वह इस समय 47 साल के हैं। इसके अलावा छह दर्जन सचिव एवं संयुक्त सचिव हैं। जिनमें से आधे से ज्यादा लोग 50 साल की उम्र सीमा पार कर चुके हैं। अपेक्षाकृत युवा पीढ़ी को जिम्मेदारी देने का विचार अच्छा तो लगता है। लेकिन खड़गे को ऐसे लोगों के चयन में मुश्किल आएगी। जिनके पास संगठन चलाने का अनुभव हो। क्योंकि एआईसीसी में पिछले कई वर्षों से कोई बदलाव नहीं हुआ है। नए लोगों को नई टीम बनाने के लिए प्रशिक्षण देना भी खड़गे के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होगा। क्योंकि लगातार कई विधानसभा चुनाव तथा उनके बाद लोकसभा चुनाव 2024 के कारण प्रशिक्षण के लिए समय नहीं मिल पाएगा। ऐसे में उन पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव रहेगा। जिसके कारण अनुभवी लोगों को साथ लेना खड़गे की मजबूरी हो जाएगी। ताकि मजबूत टीम गठित की जा सके।

गुजरात चुनाव की करनी होगी तैयारी
खड़गे को शीघ्र ही होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा। उन्हें नवसारी कस्बे में एक आदिवासी रैली भी आयोजित करनी है। क्योंकि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा से बंधे हुए हैं। इसलिए कांग्रेस की कार्य योजना है कि वह अपने शीर्ष नेताओं को मैदान में उतारकर एक अक्टूबर से देश के विभिन्न भागों में इस प्रकार की यात्राएं निकाले। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुजरात में पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक हैं उन्हें बनासकांठा जिले के पालनपुर नगर से उत्तरी गुजरात की यात्रा रवाना करनी है। उसी दिन प्रधानमंत्री मोदी का भी बनासकांठा आने का कार्यक्रम है। मोदी धराड़ से कुछ विकास परियोजनाएं लांच करेंगे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को खेड़ा के फागवेल गांव से यात्रा शुरू करने की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कच्छ के सौराष्ट्र क्षेत्र से यात्रा रवाना करेंगे तथा मध्य प्रदेश के एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री सोमनाथ से इस यात्रा को शुरू करेंगे। कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक के नेतृत्व में भरूच से जंबूसर नामक स्थान से यात्रा रवाना हो गई है।













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