Rajasthan में कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा सरकार और संगठन को देंगे ताकत, जानिए कैसे
राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा 28 को तीन दिवसीय दौरे पर जयपुर आ रहे हैं। प्रदेश प्रभारी नियुक्त होने के बाद यह उनका पहला और अहम दौरा होगा। इस दौरान वे सरकार और संगठन के लोगों से बात करेंगे।

Rajasthan के नवनियुक्त प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा 28 दिसंबर से तीन दिवसीय दौरे पर जयपुर आ रहे हैं। राजस्थान की जिम्मेदारी मिलने के बाद एक तरह से यह उनका पहला और अहम दौरा होगा। सूत्रों की मानें तो वे सरकार और संगठन के नेताओं से बैठकर कर राहुल गांधी के दिए सुझाव को अमल में लाने के साथ गहलोत सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर देंगे। उनका पूरा फोकस पार्टी को एकजुट कर अगले साल होने वाले चुनाव पर रहेगा।

बयानबाजी को लेकर दे सकते हैं हिदायत
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से बने माहौल को आलाकमान आगे भी ऐसे ही बनाए रखना चाहता है। इसलिए रंधावा अपने 3 दिन के दौरे पर नेताओं को बयानबाजी को लेकर विशेष हिदायतें दे सकते हैं। पार्टी की एक ही कोशिश है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अब तक के जनकल्याणकारी फैसलों और आने वाले बजट में जो भी बड़े फैसले किए जाए। उन्हें आमजन तक पहुंचाने में पूरी ताकत लगा दी जाए।

पुरानी बात अब नहीं होगी
पार्टी हाईकमान के सूत्रों की मानें तो राजस्थान में पिछले दिनों घटित घटनाओं का अब कोई जिक्र नहीं होगा। मल्लिकार्जुन खड़गे के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राजस्थान के सभी मामलों को समाप्त मान लिया गया है। इसलिए पार्टी का पूरा ध्यान अगले चुनाव पर केंद्रित रहेगा। राहुल गांधी ने भी भारत जोड़ो यात्रा की समाप्ति पर गहलोत सरकार के फैसलों की तारीफ कर साफ संदेश दे दिया था कि पुरानी बात अब कोई नहीं करेगा। बात होगी तो सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की होगी।

हाथ से हाथ जोड़ो अभियान पर भी चर्चा
इस बीच गत 23 दिसंबर को हुई बैठक में पार्टी अध्यक्ष खड़गे ने हाथ से हाथ जोड़ो जैसे अभियान प्रदेशों में कैसे चलाए जाने हैं। उसे लेकर निर्देश दिए हैं। रंधावा अपने 3 दिन के दौरे में उन सब बिंदुओं पर फोकस करेंगे। पहले दिन पीसीसी डेलीगेट के साथ बैठक कर अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं। इस बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी मौजूद रहेंगे।

एआईसीसी डेलीगेट चुनने पर होगी बात
डेलीगेट्स की बैठक में एआईसीसी डेलीगेट चुनने पर भी चर्चा हो सकती है। आठ पीसीसी डेलीगेट पर एक एआईसीसी डेलीगेट चुना जाता है। राजस्थान से करीब 50 डेलीगेट चुने जाने हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह में पार्टी का महाधिवेशन होना है। उससे पहले डेलीगेट चुने जाने की प्रक्रिया पूरी करनी है। बाकी 2 दिन रंधावा पार्टी पदाधिकारियों से अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा करेंगे।












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