Rajasthan में जन आक्रोश यात्रा में मिली गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ शिकायत, सोशल मीडिया पर वायरल
राजस्थान में भाजपा की जन आक्रोश यात्रा पार्टी के ही नेताओं के लिए मुसीबत बनती जा रही है। यात्रा में एक शख्स ने संजीवनी क्रेडिट सोसायटी को लेकर शिकायत डाली। शिकायत लीक होकर सोशल मीडिया पर वायरल है।

Rajasthan में भाजपा की जन आक्रोश यात्रा भाजपा के ही खिलाफ आक्रोश यात्रा में तब्दील होती जा रही है। जनाक्रोश यात्रा में पार्टी द्वारा जो शिकायत पेटिका रखी गई है। उसमें पार्टी के ही दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के खिलाफ संजीवनी क्रेडिट कॉपरेटिव सोसाइटी को लेकर रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। इस शिकायत को प्रदेश भाजपा संगठन से जुड़े किसी व्यक्ति ने लीक कर दिया। अब यह शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। आपको बता दें राजस्थान में भाजपा में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच मतभेद हैं। सियासी गलियारों में इसे दोनों नेताओं के बीच चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।

सिरोही जिले के पिंडवाड़ा निवासी व्यक्ति ने शिकायत
सिरोही जिले के पिंडवाड़ा के रहने वाले किशोर कुमार प्रजापति ने भाजपा की जन आक्रोश रैली के रथ में लगी शिकायत पेटी में यह शिकायत दी है। प्रजापति ने शिकायत में लिखा कि संजीवनी क्रेडिट कॉपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड जोधपुर केंद्र व राज्य सरकार से निवेदन है कि राजस्थान कॉपरेटिव सोसाइटी में पीड़ित निवेशकों के करोड़ों रुपए डूब गए हैं। गरीब जनता को अपना निवेश किया हुआ धन दिलावें। जिससे उनको राहत मिल सके। आपका अपना केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की शह पर इन सोसायटियों के करोड़ों रुपए का लेनदेन इनके परिवार के खातों में ट्रांसफर हुआ। जो अब निष्पक्ष जांच करवा कर राहत दिलाने का कष्ट करावें।

गजेंद्र सिंह शेखावत और सतीश पूनिया में है मतभेद
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच खींचतान चल रही है। पिछले दिनों गजेंद्र सिंह शेखावत ने दखल करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया की बाबा रामदेवरा पैदल यात्रा पर रोक लगवाई थी। इसके बाद से ही दोनों नेताओं के बीच मतभेद हो गए हैं। इससे पहले दोनों नेताओं में अच्छी बनती थी। गजेंद्र सिंह शेखावत और सतीश पूनिया दोनों राजस्थान में मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। दोनों हम उम्र नेता है। शेखावत और पूनिया ने अपना राजनीतिक कैरियर एबीवीपी से शुरू किया था। गजेंद्र सिंह शेखावत कांग्रेस और भाजपा में अक्सर नेताओं के निशाने पर रहते हैं। सियासी गलियारों में इस शिकायत के लीक होने को दोनों नेताओं के बीच चल रहे मतभेद से जोड़कर देखा जा रहा है।

संजीवनी क्रेडिट कॉपरेटिव घोटाले में क्यों आता है शेखावत का नाम
संजीवनी क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी राजस्थान सोसायटी एक्ट के तहत 2008 में रजिस्टर कराई गई थी। 2010 में यह सोसाइटी मल्टीस्टेट कॉपरेटिव सोसाइटी में बदल गई। इस सोसाइटी के पहले मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम सिंह थे। जिनका नाम घोटाले की जांच में प्रमुख है। उन्हें इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना जाता है। उनकी गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इस घोटाले को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका में बताया गया कि संजीवनी क्रेडिट कॉपरेटिव सोसाइटी में लोगों ने भारी निवेश किया था। निवेशकों को फर्जी रिकॉर्ड पोस्टर दिखाकर धोखे में रखा गया। लोगों ने जो पैसा सोसाइटी में निवेश किया। उसे वापस नहीं लौटाया गया। यह करीब 900 करोड़ का घोटाला था। हजारों की तादाद में लोगों ने इस में निवेश किया था। इस घोटाले के मास्टरमाइंड विक्रम सिंह और गजेंद्र सिंह शेखावत के बीच कनेक्शन बताया जाता है। दोनों की साथ की तस्वीर भी सुर्खियां बटोर चुकी है। निवेशकों का पैसा गलत तरीके से विक्रम सिंह के खातों में ट्रांसफर हुआ और विक्रम सिंह ने उस पैसे से ऐसी कंपनी के शेयर खरीदे। जिसके शेयर होल्डर गजेंद्र सिंह शेखावत भी हैं। हालांकि गजेंद्र सिंह शेखावत को कोर्ट ने राहत दे रखी है। लेकिन इस मामले को लेकर गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निशाने पर भी रहते हैं।












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