Gurjar Andolan : आरक्षण पर केन्द्र के पाले में डाली गेंद, CM गहलोत गुर्जरों से बोले-'PM को दो ज्ञापन', बैंसला ने वार्ता का प्रस्ताव ठुकराया
Jaipur News, जयपुर। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले राजस्थान में भड़की आरक्षण की आग अभी बुझती नहीं दिख रही। राजस्थान सरकार ने गुर्जर आरक्षण की गेंद केन्द्र सरकार के पाले में डाल दी है, वहीं सवाई माधोपुर के मलारना रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर कब्जा जमाए बैठे गुर्जरों ने सरकार से वार्ता का प्रस्ताव ठुकरा दिया है।

इधर, दूसरे दिन शनिवार को सवाई माधोपुर के साथ-साथ दौसा, करौली और अजमेर समेत राजस्थान के अन्य जिलों में भी गुर्जर आरक्षण की आग फैलने लगी है। दौसा के सिकंदरा चौराहे पर गुर्जर नेताओं ने बैठक कर दो दिन में आरक्षण की चिट्ठी नहीं मिलने की स्थिति में 11 फरवरी से जयपुर-आगरा हाईवे जाम की चेतावनी दी है।
गुर्जर आरक्षण पर सीएम गहलोत के बोल
मीडिया से बाचतीत में राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत में गुर्जर आरक्षण की गेंद केन्द्र की भाजपा सरकार के पाले में डाली है। आंदोलनकारियों से रेल पटरियों पर नहीं बैठने की अपील करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि गुर्जर आरक्षण की मांग को संविधान में संशोधन के बाद ही पूरा किया जा सकता है। इसलिए आंदोलनकारियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज्ञापन देना चाहिए।
वार्ता के लिए रेलवे ट्रैक पर पहुंची 'सरकार', लेकिन नहीं बनी बात
पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में रेलवे ट्रैक पर बैठे गुर्जर आंदोलनकारियों से बातचीत करने के लिए 26 घंटे के भीतर सरकार ट्रैक पर पहुंच गई। गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति से बातचीत करने के लिए सरकार की तरफ से गठित तीन मंत्रियों की कमेटी में शामिल पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह आईएएस नीरज के. पवन के साथ पहले दौर की वार्ता करने धरना स्थल पर पहुंचे।

विश्वेंद्र सिंह ने गुर्जर नेताओं से बात करने के लिए सीधे माइक थाम लिया और आंदोलनकारियों से मुखातिब हुए। विश्वेंद्र ने आंदोलनकारियों को सीएम अशोक गहलोत का संदेश देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा की जरुरत है. उन्होंने गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि आंदोलन स्थल पर बातचीत नहीं हो सकती। आप जहां चाहे वहां चुनिंदा प्रतिनिधियों के साथ आए सरकार बात करने के लिए तैयार है। उन्होंने सरकार की ओर से कल बातचीत करने का न्यौता दिया.
आंदोलनकारियों ने मंत्री की सलाह को सिरे से खारिज कर दिया। मौके पर मौजूद कर्नल बैंसला ने कहा कि मैं यहीं बैठा हूं मुझे मजबूर मत करो। मंत्री के संबोधन के बाद संघर्ष समिति ने उनकी सलाह को खारिज करते हुए कहा कि जो बात होगी वो यहीं होगी। किसी दूसरी जगह पर बात करना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन जारी रहेगा। गुर्जर आरक्षण आंदोलन की आग लगातार बढ़ रही है। सरकार और आंदोलनकारियों में समझौता होता नहीं दिख रहा है। एक तरफ जहां सरकार ने आंदोलनकारियों को दूसरी जगह वार्ता के लिए आमंत्रित किया तो वहीं आंदोलनकारी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। वो अपनी जगह से हटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में देखना होगा कि अब गहलोत सरकार क्या फैसला लेती है।












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