राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले कमजोर कड़ी को मजबूत करेगी भाजपा, लोकसभा चुनाव को लेकर है यह प्लानिंग
जयपुर, 22 सितंबर। राजस्थान में विधानसभा चुनाव के साथ ही भाजपा ने लोकसभा चुनाव को लेकर भी अभियान शुरू कर दिया है। 2014 के लोकसभा चुनाव में 282 सीटें और 2019 में 303 सीटें जीतने के बाद भाजपा अपना लक्ष्य बढ़ाना चाहती है। इसके तहत भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए देशभर में कमजोर मानी जाने वाली सीटों के हिसाब से तैयारी शुरू कर दी है। इसी अभियान के चलते राजस्थान में भी ऐसी सीटों को चिन्हित किया गया है। जिन पर भाजपा को ज्यादा मेहनत की जरूरत है। राजस्थान में फिलहाल 4 सीटें भाजपा की कमजोर कड़ी मानी जा रही है। इनमें 2 सीटों पर काम शुरू किया जा चुका है। लोकसभा की अन्य 2 सीटों पर इसी अभियान के तहत फोकस किया जाएगा। इसके लिए केंद्र के एक मंत्री को इन सीटों का जिम्मा दिया गया है। राज्य में उनके साथ पार्टी पदाधिकारियों को भी जोड़ा गया है।

राजस्थान में इन लोकसभा सीटों पर भाजपा कमजोर
राजस्थान में दौसा, नागौर, झुंझुनू और करौली-धौलपुर सीट पर भाजपा की स्थिति इतनी मजबूत नहीं है। पार्टी ने देश भर में चलाए गए अभियान में इन सीटों को शामिल किया है। प्राथमिक सूची में शामिल दौसा और नागौर का चयन उच्च स्तर पर तय किया गया है। पार्टी का मानना है कि इन सीटों पर लगातार जीत के बावजूद अन्य कारणों से कांग्रेस को शिकस्त दी गई है। केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान को इसी फार्मूले के तहत राजस्थान की सीटों का जिम्मा दिया गया है। राज्य के संगठन से सुनील कोठारी और पंकज मीणा को इस अभियान से जोड़ा गया है। दोनों ही संगठन के लिए लंबे समय से काम कर रहे हैं।

क्रिटिकल सीटों की सुध लेंगे संजीव बालियान
भाजपा को झुंझुनू, दौसा और करौली-धौलपुर सीट पर 2014 और 2019 में लोकसभा चुनाव में जीत मिली थी। लेकिन विधानसभा चुनाव में इन जिलों की सीटों पर पार्टी का प्रदर्शन ठीक नहीं रहा। ऐसे में पार्टी इन सीटों को और मजबूत करना चाहती है। ताकि लोकसभा के साथ ही विधानसभा में भी यहां पार्टी की परफॉर्मेंस बेहतर हो सके। इसके लिए भाजपा ने केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान को इन क्रिटिकल सीटों पर पार्टी की सुध लेने के लिए 2 दिन राजस्थान भेजा है। इस चरण में संजीव बालियान दौसा लोकसभा क्षेत्र के दौरे पर हैं।
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