Rajasthan के सियासी घटनाक्रम के बाद बेल्लारी में पहली बार Rahul Gandhi से मिले Ashok Gehlot, जानिए पूरा मामला
Rajasthan में सियासी संकट के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राहुल गांधी की पहली मुलाकात कर्नाटक के बेल्लारी में हुई है। सीएम गहलोत ने रिश्तो में आई कड़वाहट को दूर करने के लिए बेल्लारी में आयोजित जनसभा में भारत जोड़ो यात्रा की मुक्त कंठ से तारीफ की है। लेकिन राजस्थान के सियासी घटनाक्रम के बाद अशोक गहलोत और राहुल गांधी के बीच पैदा हुए मतभेद इस जनसभा के दौरान साफ दिखाई दिए। सीएम गहलोत के बेल्लारी दौरे के दौरान रेड कारपेट पर राहुल गांधी के साथ कदमों में इतना उत्साह नहीं दिखाई दिया। जो राजस्थान के सियासी घटनाक्रम से पहले दिखाई देता था। जनसभा के मंच पर भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत असहज ही दिखे गहलोत के भाषण के दौरान राहुल गांधी कभी गंभीर हो जाती तो कभी अपने आसपास बैठे कर्नाटक के नेताओं से बात करते दिखाई दिए।

भारत जोड़ो यात्रा के जरिए राहुल गांधी कर रहे जनभावना का सम्मान
सीएम अशोक गहलोत ने जनसभा के दौरान राहुल गांधी की जमकर तारीफ की। गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी इतिहास बनाने जा रहे हैं। देश में ऐसी यात्रा पहली बार निकल रही है। इससे पहले भी कई लोगों ने यात्राएं निकाली है। अपने मकसद में के लिए। लेकिन यह यात्रा देश की चुनौतियों का सामना करने के लिए है। यह यात्रा उन ताकतों का सामना करने के लिए है। जिन्होंने देश को बर्बाद करने के लिए कदम उठाए हैं। हम उसकी कड़ी निंदा करते हैं। देश में लोकतंत्र खतरे में हैं। आम आदमी पर महंगाई और बेरोजगारी की मार पड़ रही है। ऐसे माहौल के भीतर राहुल गांधी का संदेश देश के कोने कोने में पहुंच रहा है। राहुल गांधी अपनी यात्रा के दौरान चिंतन-मनन करके जन भावनाओं का सम्मान कर रहे हैं। देश किस दिशा में जा रहा है, किस दिशा में जाएगा। यह हमारे सामने बड़ी चुनौती है। इन लोगों ने यूपीए सरकार को बदनाम करके सत्ता हासिल की है। ये लोग ना लोकपाल ला पाए, ना ही काला धन। यूपीए सरकार ने आमजन के लिए नरेगा, सूचना का अधिकार, खाद्य सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार जैसे तमाम कानून बनाए हैं।

जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करना आसान
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि यूपीए सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूत कर चहुमुखी विकास किया है। लोक कल्याणकारी योजनाओं के जरिए सामाजिक सुरक्षा का ताना-बाना बुना है। यह लोग जिस प्रकार यूपी सरकार को बदनाम कर सत्ता में आकर ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं। उसमें कभी कामयाब नहीं हो सकते। गहलोत ने कहा कि धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करना बहुत आसान होता है। लेकिन देश का नव-निर्माण करने के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू जैसी सोच होनी चाहिए। नेहरू ने देश के अंदर आधारभूत ढांचा तैयार किया था। किसानों के लिए बड़े-बड़े बांध बनाए। बिजली उत्पादन के लिए कल कारखाने लगाए। नेहरू ने देश में संस्थाओं की शुरुआत की जिन पर आज देश खड़ा है।













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