Rajasthan में कांग्रेस की बैठक में नदारद रहे पायलट सहित 140 विधायक और पदाधिकारी, एक्शन की तैयारी में पार्टी
राजस्थान में कांग्रेस की बैठक में शामिल नहीं होने वाले नेताओं के खिलाफ पार्टी अब एक्शन की तैयारी में है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में पायलट और रंधावा के बीच बातचीत की भी संभावना है।

Rajasthan में कांग्रेस की सियासत में हाथ से हाथ जोड़ो अभियान से पहले एक बार फिर गर्माहट आ गई है। राहुल गांधी की भारत जोड़ी यात्रा के बाद पार्टी में माहौल शांत सा चल रहा था। सत्ता और संगठन में भागीदारी को लेकर हो रही सियासी उठापटक के बीच रविवार को अभियान की पहली बैठक में आपसी खींचतान खुलकर सामने आ गई।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट नहीं पहुंचे बैठक में
जयपुर में बैठक से कांग्रेस नेता सचिन पायलट सहित 42 में से 21 पदाधिकारी और करीब 60 विधायक और आधे से ज्यादा प्रत्याशी बैठक से नदारद रहे। ऐसे में बैठक में शामिल होने वाले कुल 380 नेताओं में से 240 नेता ही बैठक में पहुंचे। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बैठक के दौरान पार्टी के नियमों को नहीं मानने और अनुशासन में नहीं रहने वाले नेताओं की रिपोर्ट करने और टिकट वितरण के दौरान ऐसे नेताओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए थे। रंधावा द्वारा प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और रंधावा के बीच सत्ता और संगठन के विभिन्न मुद्दों को लेकर करीब 2 घंटे चर्चा हुई। इस दौरान कांग्रेस के निचले संगठनों को मजबूत करने के लिए शेष ब्लॉक जिला अध्यक्षों एआईसीसी सदस्य सहवृत पीसीसी मेंबर्स को लेकर सीएम गहलोत, डोटासरा और रंधावा के बीच चर्चा हुई। माना जा रहा है कि जल्दी राजस्थान के मुद्दों को लेकर आलाकमान से चर्चा की जाएगी।

कांग्रेस हाईकमान को रिपोर्ट देंगे रंधावा
प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत के बाद विस्तृत चर्चा कर प्रदेश प्रभारी रंधावा कांग्रेस हाईकमान को रिपोर्ट देंगे। इससे पहले सचिन पायलट से मुलाकात कर विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा की जा सकती है। सचिन पायलट मंगलवार को राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने फतेहपुर साहिब पहुंचेंगे। प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी फतेहपुर साहिब में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे। इस दौरान रंधावा और पायलट के बीच प्रदेश की स्थिति को लेकर चर्चा संभावित है।

जनहित की योजनाओं के लिए बजट की कोई कमी नहीं
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में लागू जनकल्याणकारी योजनाएं आज पूरे देश में चर्चा का विषय है। बिजली पानी से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा तक हर क्षेत्र में राज्य मॉडल्स्टेट बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनहित में संचालित योजनाओं के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री आवास पर सोमवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों और आमजन से मुलाकात करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का हर वर्ग सरकार की जनहितकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहा है। गहलोत ने कहा कि गत सरकारों ने देश में भोजन, रोजगार, शिक्षा आदि अधिकार कानून बनाकर आमजन को दिए हैं। इसी प्रकार केंद्र सरकार को सामाजिक सुरक्षा का कानून बनाकर देशवासियों को देना चाहिए। प्रदेश में राज्य सरकार एक करोड़ वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत पेंशन दे रही है। ताकि उनको आर्थिक संभल मिल सके।












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