Jabalpur News: सम्मेद शिखर की तीर्थ के रूप में ही रहेगी पहचान, जैन समाज के आक्रोश के सामने झुकी सरकार
जैन समाज के तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने का फैसला सरकार ने आखिरकार वापस ले ही लिया। देश भर में इसका विरोध हो रहा था। जबलपुर समेत पूरे मध्य प्रदेश में जैन समाज सड़क पर उतर आया।

जैन धर्म के पवित्र तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने के फैसले को वापस ले लिया गया हैं। समाज के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के बाद झारखंड सरकार को झुकना पड़ा। अब पहले की ही तरह सम्मेद शिखर की पहचान तीर्थ के रूप में ही रहेगी। फैसला वापस लेने के पहले एमपी के जबलपुर में भी आक्रोश देखने को मिला। हजारों की संख्या में समाज के लोग सड़कों पर उतरे।
Recommended Video

सम्मेद शिखर को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने के बाद से मचा बबाल आखिरकार थम गया। जैन समाज के आक्रोश के सामने झारखंड सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। सरकार ने ऐलान किया कि शिखरजी पहले की ही तरह तीर्थ स्थल के रूप में पहचाना जाएगा। इससे पहले लिए गए फैसले को लेकर देश भर में जैन समाज में आक्रोश बढ़ गया था। बुधवार को जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हुए। एमपी के जबलपुर में भी हजारों की संख्या में समाज के लोग सड़क पर उतरे। अपने तीर्थ की पहचान बरक़रार रखने समाज के लोगों ने हर स्तर पर लड़ाई का ऐलान कर दिया था।

अब झारखंड सरकार द्वारा फैसला वापस लिए जाने पर ख़ुशी जाहिर की हैं। समाज के लोगों का कहना है कि यदि सरकार को यदि इतनी फ़िक्र है तो वह शिखरजी को तीर्थ पवित्र स्थल घोषित करें। उसी के हिसाब से वहां विकास भी हो। पर्यटन क्षेत्र घोषणा के बाद भविष्य में पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर समाज के लोगों ने चिंता जाहिर की थी। सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी वायरल हुए। जबलपुर के जैन समाज के लोगों ने कहा कि ऐसे धार्मिक स्थलों को लेकर किसी राज्य की सरकार को सोच समझकर निर्णय लेना चाहिए। फैसलों के पहले सामूहिक सहमति अनिवार्य है। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर मचे बबाल पर विराम लग गया है। मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में समाज के लोगों का आक्रोश देखने को मिला था। फैसला वापस होने के बाद सभी ने ख़ुशी जाहिर करते हुए समाज के लाखों लोगों की जीत बताया है।
ये भी पढ़े-शिखरजी की पवित्रता के लिए सड़क पर उतरा जैन समाज, बाजारबंद, मौन जुलूस निकाला












Click it and Unblock the Notifications