MP के नेशनल पार्क के बाघों को करंट से बचाने नया प्रस्ताव, बिजली लाइनें होगी कवर
मध्य प्रदेश में बाघों और अन्य वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर नया प्रस्ताव तैयार हुआ हैं। करीब 300 सौ करोड़ रुपए से नेशनल पार्क और आसपास की बिजली लाइनें कवर की जाएगी।

New proposal to save tigers: MP में पिछले कुछ समय बाघ समेत कई दुर्लभ वन्य प्राणी बिजली के करंट का शिकार हुए और अपनी जान गंवा बैठे। बढ़ते मौत के आंकड़े और हादसों के बाद वन्य प्राणी मुख्यालय ने सुरक्षा का नया प्रस्ताव तैयार किया। बिजली की खुली लाइनों से होने वाली घटनाओं को रोकने अब लाइनों को इन्सुलिन किया जाएगा। तार हटाकर केबल डालने का सुझाव भी दिया जा रहा हैं।

बांधवगढ़, कान्हा समेत कई महत्वपूर्ण नेशनल पार्क मध्य प्रदेश की शान हैं। राज्य टाइगर स्टेट के रूप में तो पहचान रखता है, लेकिन बाघों की सुरक्षा कई पैमानों पर अभी माकूल नहीं। कुछ समय से बाघ, तेंदुआ और कई वन्य प्राणी बिजली के करंट का शिकार हुए। कई वन्य प्राणियों की ऐसे हादसों में जान भी चली गई। इस पर वन्य प्राणी विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की थी। जिसके मद्देनजर अब वन्य प्राणी मुख्यालय ने बाघों और अन्य वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए नया प्रस्ताव तैयार किया हैं। बताया गया कि साल 2022 में पांच बाघ, सात तेंदुआ और साल 2023 में अब तक तीन बाघ और चार तेंदुओं का करंट लगाकर शिकार किया गया है। इस स्थिति ने सरकार को चिंता में डाल दिया है।

लगभग दो से तीन सौ करोड़ बजट वाले इस प्रस्ताव पर यदि मुहर लगी तो आने वाले दिनों में नेशनल पार्क एरिया में बिजली लाइनें कवर मिलेगी। खुले तारों को इन्सुलिन किया जाएगा। साथ ही जरुरत के हिसाब से नई केबल लाइनें डाली जाएगी। ताकि वन क्षेत्र में विचरण करने वाले वन्य प्राणी किसी हादसे का शिकार न हो। कान्हा टाइगर रिजर्व में यह प्रयोग किया जा चुका है, जो सफल रहा। लगभग 8 करोड़ की लागत से बिजली लाइनों को सुरक्षित किया गया। वन्य प्राणी अभिरक्षक जेएस चौहान का कहना है कि इस सिलसले में तैयार प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। बिजली विभाग की भी मदद ली जाएगी।












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