एमपी में वसूली न कर पाने से बौखलाए नक्सली, क्या चुनावी सीजन में मचाएंगे तांडव?
बालाघाट जिले में लाखों रुपये के तेंदुपत्ता फडो को आग के हवाले कर नक्सलियों ने कई सन्देश देने की कोशिश की है। लम्बे वक्त से इनकी हलचल नहीं थी, लेकिन प्रदेश में लोकल इलेक्शन का प्लान होते ही सक्रियता बढ़ने लगी है।
बालाघाट, 23 मई: मप्र में लोकल इलेक्शन की सुगबुगाहट जोर पकड़ते ही बालाघाट और उसके आसपास जिलों में सक्रिय नक्सली क्या किसी बड़े तांडव की फिराक में है? यह सवाल बालाघाट में तेंदूपत्ता फडों में अचानक लगाईं गई आग से उठने लगा है। जानकारों का मानना है कि मप्र में सक्रिय नक्सलियों का गुट अपने आसपास के क्षेत्रों से फंड जुटाता है। जिनके सॉफ्ट टार्गेट पर ठेकेदार रहते है। लेकिन काफी वक्त से इसमें असफल रहे नक्सलियों ने अब अपनी बौखलाहट दिखाना शुरू कर दिया है।

बालाघाट जिले में लाखों रुपये के तेंदुपत्ता फडो को आग के हवाले कर नक्सलियों ने कई सन्देश देने की कोशिश की है। लम्बे वक्त से इनकी हलचल नहीं थी, लेकिन प्रदेश में लोकल इलेक्शन का प्लान तैयार होने की खबर लगते ही अब इन्होने अपने इलाके से प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है। लांजी के डाबरी चौकी इलाके में रात के वक्त वारदात को अंजाम दिया है। मौके से बरामद लाल स्याही से लिखा पर्चा, जिसमें मजदूरों की मांगों का जिक्र है वह चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे महीने भर पहले फारेस्ट विभाग के एक दिहाड़ी कर्मचारी की हत्या के बहाने मुखबिरी करने वालों को जबाब देने की कोशिश भी की।

मजदूरों की मांग या फंड वसूली?
दरअसल आदिवासी बाहुल्य इस बेल्ट के बड़े हिस्से में तेंदुपत्ता संग्रहण का काम है। जिसमें ठेकेदार स्थनीय और कुछ बाहरी मजदूरों के जरिये तेंदुपत्ता का काम करवाते है। आगजनी की वारदात के दौरान नक्सलियों द्वारा छोड़ी गई चिट्ठी में इन्ही काम करने वाले मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने की मांग है। चिट्ठी में साफ़ तौर पर लिखा गया है आगजनी की इस घटना के लिए तेंदुपत्ता ठेकेदार जिम्मेदार है, जो मांगों को अनसुना कर रहे है। वही बालाघाट एसपी समीर सौरभ की माने तो यह घटना नक्सलियों की हताशा है, ठेकेदारों से फंड वसूली की असफलता से वह बौखलाए है।

क्या चुनाव की तैयारी करने वाले नेता होंगे निशाने पर ?
ठेकेदारों और स्थापित समर्थकों से अपने फंड का इंतजाम करने में जब नक्सली फेल हो रहे है, तो अब उनके टार्गेट पर कौन ? चुनावी मौसम में लाख टके के इस सवाल में फंड कलेक्शन के लिए नक्सलियों की टुकड़ी चुनाव को भी भुनाने की कोशिश करेगी। जानकार बता रहे है कि ऐसी दहशत की इसी तरह की हलचल उत्पन्न कर नक्सली अपने मंसूबों को पूरा करते है। हालाँकि पुलिस दावा कर रही है कि उनकी सर्चिंग जारी है और नक्सलियों के किसी भी इरादे को पूरा नहीं होने दिया जाएगा।












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