मेक इन इंडिया की मिसाल ‘नमो बम’ की खेप स्वीडन रवाना, जमीन-हवा में दुश्मनों पर होगा वार
जबलपुर, 29 अगस्त: आर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया से 40एमएम/एल70 की खेप लंबे समय के बाद बाहर निकली। यह खेप स्वीडन के लिए रवाना हुई। बम के खोलों से भरे कंटेनर को आर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया के जीएम अशोक कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ओएफके से पहली खेप में 11 हजार काटेज केस रवाना किए गए। 'नमो' नाम के एंटी एयरक्राफ्ट इन बमों को पहली बार भारत यूरोपियन देश स्वीडन को एक्सपोर्ट किया गया है।

44,000 काटेज केस का आर्डर
आयुध निर्माणी खमरिया म्यूनिशन इंडिया लिमिटेड को वर्ष 2022-23 के लिए प्राप्त उत्पादन लक्ष्य में मेसर्स नमो स्वीडन से 40 एम.एम./एल 70 के 44,000 काटेज केस का आर्डर प्राप्त हुआ है। इनमें से आर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया द्वारा शुरूआत में 200 सैम्पल स्वीडन भेजे गए थे। जिसका पहला पायलट लाट प्रोसेस आडिट और फायरिंग के सारे मानदंडों के मुताबिक सही रहा। उस सैम्पल लाट के पास होने के बाद से निर्माणी में नियमित रूप से उत्पादन प्रक्रिया चल रही है। इसी की परिणति है कि 11 हजार काटेज केस का पहला डिस्पैच लाट सोमवार की देर रात रवाना किया गया। इस लाट को ओएफके-महाप्रबंधक अशोक कुमार द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

डीआरडीओ से एप्रूव्ड
अंग्रेजों के ज़माने की आयुध निर्माणी खमरिया (OFK) फैक्ट्री में तैयार बमों का यह अपग्रेड वर्जन 30-40 किलोमीटर दूर दुश्मनों पर हमला करने की क्षमता रखता है। ओएफके का यह उत्पादन न केवल डीआरडीओ से ही एप्रूव नहीं है, बल्कि पूरी से मेक इन इंडिया की मिसाल है। ज्ञात हो कि स्वीडन की जिस कंपनी के लिए काटेच केस भेजे जा रहे हैं, वो कंपनी दो विदेशी कंपनियों के उत्पाद को खारिज कर चुकी थी। ओएफके को मिला यह आर्डर इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि यहां बीते करीब तीन वर्षों से 40 एमएम बम के खोलों का निर्माण नहीं हो रहा था।

जीएम ने दी बधाई और शुभकामनाएं
इस अवसर पर महाप्रबंधक अशोक कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी उन्नतशील तकनीक, कुशल कर्मचारियों द्वारा निर्मित गुणवत्ता युक्त, स्वदेशी उत्पाद धीरे-धीरे विश्व पटल पर अपना अलग स्थान बना रहे हैं। आने वाले समय में 40एमएम/L70 काटेज केस के और भी आर्डर मिलने की संभावना है।

जीपी बम का भी यही हुआ निर्माण
जबलपुर की आयुध निर्माणी खमरिया फैक्ट्री (OFK) ने इस तरह लगातार बड़े मुकाम हासिल कर रही है। इस फैक्ट्री ने कुछ वक्त पहले 500 वजनी जीपी बमों का निर्माण भी किया है। जो भारतीय वायु सेना को सौपें जा चुके है। इसके अलावा कानपुर में बनी देश की सबसे बड़ी 'सारंग' तोप का सफल परीक्षण भी खमरिया रेंज में हो चुका है। चंद सेकेण्ड में 'सारंग' लगभग 36 किलोमीटर तक मारक क्षमता रखने में सक्षम है।












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