Madhya pradesh की यूनिवर्सिटीज की खाली जमीनों का होगा कॉमर्शियल यूज, तैयार होगा 25 साल का ब्लू प्रिंट
मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों की रंगत बदलने वाली है। रिक्त भूमियों पर न सिर्फ अवैध कब्जे निजात मिलेगी, बल्कि सरकारी संस्थाओं के जरिये व्यावसायिक इस्तेमाल से आमदनी भी बढ़ेगी।

Madhya pradesh Vacant lands of universities: मध्य प्रदेश में हायर एजुकेशन को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार कई तरह के प्रयास कर रही हैं। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ कॉलजों में पढ़ाई हो सकें, इसके लिए आगामी २५ सालों का ब्लू प्रिंट तैयार करने कहा गया हैं।
मंत्री मोहन यादव जबलपुर पहुंचे थे। यहां कॉलेजों के नवीन भवन निर्माण भूमि पूजन समेत कई कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप स्नातक द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम के प्रश्नपत्र ,महिला सशक्तीकरण पर संकल्प प्रकाशन,कानपुर से प्रकाशित पुस्तक महिला सशक्तीकरण पुस्तक का विमोचन भी किया।
उन्होंने कहा कि एमपी में कई विश्वविद्यालयों की भूमि रिक्त पड़ी हुई हैं। जिन इलाकों में आवश्यकता से अधिक भूमि हैं, उसका यूनिवर्सिटी के हित में सही उपयोग करने पर मंथन भी हुआ हैं। नए प्लान के मुताबिक ऐसे जमीनों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाएगा। इससे संबंधित यूनिवर्सिटी को आय भी होगी।

इस अधोसंरंचना को विकसित करने के लिए एमपी हाउसिंग बोर्ड को शामिल किया जाएगा। प्रदेश में सभी जगहों पर ऐसी भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह भी तय किया गया है कि इस योजना में सिर्फ सरकारी संस्थाएं ही शामिल की जायेगी। ताकि भविष्य में शैक्षणिक गतिविधियों में किसी तरह की अड़चन पैदा न हो।
किसी भी यूनिवर्सिटी और सरकारी कॉलेज में सम्रद्ध कैम्पस विकसित हो सकें, इस दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए आगामी २५ साल का ब्लू प्रिंट तैयार करवाया जा रहा हैं। ज्यादा से ज्यादा रोजगार परख पाठ्यक्रम संचालित करने के साथ संस्थानों को कहा गया है कि इसके लिए शिक्षकों की भर्तियां भी की जाए।
मंत्री डॉ. मोहन यादव बोले कि महिला कालेजों में सिर्फ महिला जनभागीदारी अध्यक्ष बने, इसके लिए कोशिशे जारी है। जिन महिला कालेजों में पुरुष अध्यक्ष बन गए है, उन्हें बदला जा रहा है। इससे जनभागीदारी समितियां भी सशक्त बनेगी।












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