Jaya Kishori का भक्त प्रियांश था स्वयं भू 'भाजपा नेता'? जबलपुर में गर्लफ्रेंड गोलीकांड के 72 घंटे बाद अरेस्ट
Jabalpur news: मध्य प्रदेश जबलपुर में दिनदहाड़े MBA गर्लफ्रेंड वेदिका सिंह को अपने दफ्तर में गोली दागने के आरोपों से घिरा प्रियांश विश्वकर्मा गिरफ्तार हो गया। तहसीलदार के सामने पीड़िता के खुलकर बयान होने के बावजूद पुलिस ने पूरी वारदात को गैर-इरादतन ही माना हैं।
मशहूर कथावाचक जया किशोरी का स्वागत करते वायरल फोटो में नजर आने वाले प्रियांश विश्वकर्मा अब पुलिस गिरफ्त में हैं। पुलिस की कहानी में गर्लफ्रेंड को गोली दागने के 72 घंटे बाद इसकी गिरफ्तारी भेड़ाघाट चौराहे से होने का दावा किया जा रहा हैं। हालांकि अभी इसकी ऑफिशियल पुष्टि नहीं हैं।
पुलिस जल्द ही इस मामले का खुलासा करेगी। लेकिन इस कार्रवाई पर कई सवाल भी उठ रहे हैं। वेदिका के बयान की वीडियो क्लिप भी वायरल है, जिसमें वह कह रही है कि गोली प्रियांश ने ही उस पर चलाई। वहीं बीजेपी से जुड़े होने के दावों पर पार्टी भी सफाई देने मजबूर हुई।

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लोकल लेवल पर बीजेपी ने स्पष्ट किया कि प्रियांश का पार्टी से किसी भी तरह का कोई ऑफिशियल रिश्ता नहीं हैं। नगर अध्यक्ष ने प्रभात साहू ने दो टूक कहा कि आरोपी प्रियांश पार्टी में किसी भी पद पर नहीं हैं। साथ ही आरोपी को बचाने में किसी तरह का कोई संरक्षण हैं। पार्टी के झंडे-बैनर या किसी बड़े नेता के साथ रहने वाले व्यक्ति को बीजेपी नेता कहना गलत हैं।
इधर जानकारों का कहना है कि गोलीकांड को अंजाम देने वाला फरार आरोपी प्रियांश अक्सर ग्लैमरबाजी में ज्यादा रहा करता था। एक खास दिग्गज नेता के पुत्र के साथ उसका ज्यादा याराना रहा। उसके साथ घूमते-फिरते आयोजनों में शामिल होते हुए वह स्वयं-भू बीजेपी नेता बन गया था।
सूत्रों का कहना है कि शहर में जब किसी बीजेपी के किसी वीआईपी नेता का शहर में मूवमेंट होता हैं, तो वह उस दौरान उनसे मेल मुलाकात की सेटिंग में जुट जाता हैं। उसने अपने कुछ सपोर्टर भी बना रखे हैं। नरसिंहपुर जिले में उसका एक नेता के साथ अच्छा खासा रुतबा कायम हुआ। उसके पास किसी भी तरह का काम चाहे प्रशासनिक हो ही क्यों न हो, उसे पूरा करने वह अपनी पहुंच का हर तरह से इस्तेमाल करने में माहिर हैं।
बड़ा नेता बनने के सपने
सूत्र बताते हैं कि प्रियांश अपने लेवल पर खुद को दूसरों से हटकर बड़ा नेता बनने की चाहत रखने वाला शख्स हैं। इंजीनियर पिता भी सरकारी विभाग में बड़े पद से रिटायर हुए और पैसों की कोई कमी नहीं। प्रॉपर्टी और रेत कारोबार में जब से उसने कदम रखा तो उसका रुतबा और शान शौकत बढ़ती ही गई। दौलत की दम पर प्रशासन से लेकर दिग्गज नेताओं तक उसकी पहुंच ऐसी कि एक कॉल पर बड़े से बड़े काम हो जाते हैं।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
यही वजह है कि इस मामले में आरोपी को ढूंढ रही पुलिस कई तरह से संदेह के घेरे में हैं। घटना पता लगने बाद से ही जिस तरह मामले को पुलिस ट्रीट कर रही हैं, उससे कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने अपनी शुरुआती फाइंडिंग में गैर इरादतन हत्या का प्रयास क्यों माना? 16 जून की शाम पुलिस को घटना की सूचना मिली और अगले दिन दोपहर लगभग डेढ़ बजे यानि बीस घंटे में धारा- 308 के तहत केस दर्ज करने की विवेचना भी हो गई।












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