Jabalpur News: 'जब पार्टी का टिकट ही लगे जीत की गारंटी', महत्वाकांक्षा ऐसे ही कराती है आपसी घमासान
Jabalpur News: चुनावी समर का मिजाज होता ही कुछ ऐसा कि एक ही दल के समर्थकों को आपस में एक-दूसरे की बात पसंद नहीं आती। आरोप-प्रत्यारोप की तलवारें तक खिंच जाती है, चाहे किसी भी दल के समर्थक हो। कुछ ऐसा ही माहौल मध्य प्रदेश में भी बनने लगा हैं।
प्रदेश में बीजेपी के प्रवासी विधायकों की खेप पहुंची हैं। संभागवार अलग-अलग जिलों में बैठकें हो रही हैं। जबलपुर में भी इसी तरह कार्यसमिति की बैठक हुई, तो वहां बड़े नेताओं के सामने दो दावेदार समर्थकों के बीच मनमुटाव उजागर हो गया। कहा सुनी में नौबत हाथापाई तक आ गई।
हालांकि बीजेपी नगर अध्यक्ष प्रभात साहू ने इस मामले को समर्थकों के उत्साह की संज्ञा दी। उनका कहना था कि बीजेपी बड़ा परिवार हैं। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी कार्यकर्ता में मनभेद नहीं हैं। जिन लोगों के बीच विवाद की नौबत बनी, उनके मन की हर शंका का समाधान किया जाएगा।

तब जब किसी पार्टी का टिकट जीत की गारंटी लगने लगे तो चुनावी मौसम में आपस में ऐसी तकरार कोई नई बात नहीं। जबलपुर में यह विवाद रानी दुर्गावती मंडल के अध्यक्ष और महामंत्री के बीच होना बताया जा रहा हैं। उस वक्त चिखली महाराष्ट्र से विधायक श्वेता महाले पाटिल भी मौजूद थी। बैठक में पहुंचे अन्य कार्यकर्ताओं के बीच मंडल अध्यक्ष अतुल चौरसिया और महामंत्री रामकुमार चौधरी दोनों बड़े नेताओं के सामने अपनी बात रख रहे थे।
दोनों पदाधिकारी पश्चिम क्षेत्र में अपने प्रत्याशी की दावेदारी को लेकर खूबियां गिना रहे थे। तभी इनके बीच आपस में तू-तू, मैं-मैं होने लगी। फिर क्या था, दोनों आपस में गुत्थम-गुत्था हो गए। किसी तरह बैठक लेने आए विधायकों और नगर अध्यक्ष ने दोनों को अलग किया। घटना के बाद अतुल चौरसिया ने कहा कि महामंत्री रामकुमार अनर्गल आरोप लगा रहे थे। आपत्ति जताई तो वो मारपीट पर उतारू हो गए। वहीं रामकुमार ने भी कुछ ऐसे ही आरोप अतुल पर भी लगाए। उनका कहना था अध्यक्ष होते हुए उन्होंने क्षेत्र के उस बड़े नेता पर आपत्तिजनक कमेंट् किया, जो चुनाव में टिकट के लिए प्रबल दावेदार हैं।










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