Jabalpur News: मैं खुद कर रहा हूं प्राकृतिक जैविक खेती, आप भी करो कमाई , बोले राज्यमंत्री भारत सिंह कुशवाहा
मध्य प्रदेश के उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री भारत सिंह कुशवाहा ने किसानों को उद्यानिकी की फसलें और जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है।

उद्यानिकी की फसलें और जैविक खेती किसानों की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल सकती है। जरुरी है कि कई गुना आमदनी बढ़ाने ऐसी खेती को प्रोत्साहित किया जाए। यह कहना है मध्य प्रदेश के उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री भारत सिंह कुशवाहा ने जबलपुर में कही। कुशवाहा यहां जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय परसिर में स्थित कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान में मध्यप्रदेश में उद्यानिकी फसलों में खाद्य प्रसंस्करण विषय पर आयोजित परिचर्चा में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक और प्राक्रतिक खेती के महत्त्व को समझने की जरूरत है। कृषि वैज्ञानिक और कृषि विज्ञान केन्द्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस परिचर्चा में यूनिवर्सिटी के कुलपति, कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. एसआर के सिंह भी मौजूद थे। जिसमें मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से संचालित हो रही विभिन्न गतिविधियों को पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। राज्य मंत्री कुशवाहा बोले कि वे स्वयं पिछले पांच साल से प्राकृतिक और जैविक खेती को अपना रहे हैं। इसकी गुणवत्ता और उपयोगिता को उन्होंने खुद महसूस किया है। इससे फसल की अच्छी कीमत और अच्छा मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है।

कुशवाहा ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण की छोटी-छोटी ईकाई स्थापित कर किसान पहले की कृषि तकनीक से होने वाले फायदे की तुलना भी कर सकते है। सरकार ने जैविक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने कई योजनाएं शुरू की हैं। सहायता देने केन्द्र शासन द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना में 10 लाख रुपये तक की ईकाई की स्थापना पर 35 प्रतिशत अनुदान राशि उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने उद्यानिकी फसलों के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ युवाओं और कृषि के छात्रों को भी खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र को अपनाकर कुशल उद्यमी बनाने की सलाह दी।
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