Jabalpur News: हॉस्पिटल में लापरवाही की गैलेक्सी, मरीज को चढ़ा दिया गलत ब्लड ग्रुप, किडनी हो गई ख़राब !
(Jabalpur News) जिंदगी बचाने के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीज को यदि गलत ग्रुप का ब्लड चढ़ाया जाने लगे, तो ज़रा सोचिए उसका क्या हाल होगा? मप्र के जबलपुर में ऐसा ही मामला सामने आया है। कलेक्टर तक पहुंची शिकायत में पीड़ित परिवार ने गैलेक्सी हॉस्पिटल पर मिसमैच ग्रुप का ब्लड चढ़ाने का आरोप लगाया है। जिसकी वजह से मरीज की किडनी डैमेज हो गई। इसका खुलासा तब हुआ जब ज्यादा हालत बिगड़ने पर संबंधित मरीज का नागपुर में इलाज कराया गया। इस मामले में जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है।

मरीजों को दिन में तारें दिखा रहा गैलेक्सी हॉस्पिटल
कोरोनाकाल के वक्त गंभीर लापरवाही के मामले में कुख्यात हुआ जबलपुर का गैलेक्सी अस्पताल एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी. से परिजनों द्वारा की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस अस्पताल ने लूज मोशन से परेशान समिता कौरव को मिसमैच ग्रुप का ब्लड चढ़ा दिया। इसके दो तीन बाद मरीज को यह कहते हुए डिस्चार्ज कर दिया कि अब घर पर ही देखरेख करें। मरीज के घर पहुँचने पर दो दिन बाद यूरिन पास होना बंद हो गई।

दोबारा दिखाया तो किडनी में खराबी बताई
नरसिंहपुर जिले की रहने वाली समिता कौरव को तकलीफ बढ़ने पर उसके पति दिनेश कौरव दोबारा जबलपुर लेकर पहुंचे। उन्होंने यहां दूसरे हॉस्पिटल में डॉक्टर को दिखाया और जांच की गई तो किडनी में खराबी बताई गई। यह सुनकर दिनेश के होश उड़ गए। डाक्टर्स ने नागपुर में इलाज की सलाह दी और समिता वहां पहुंची तो चिकित्सकीय जांच में और चौकाने वाली बात सामने आई। खून की जांच में उसका ब्लड ग्रुप O+ve निकला, जबकि उसका पहले ग्रुप AB+ve था। डाक्टरों ने कहा कि गलत ब्लड ग्रुप चढ़ने से ही समिता की किडनी ख़राब हो गई है।

कई पैथोलॉजी में जांच हुई लेकिन ब्लड ग्रुप O+ve ही
शंका होने पर परिजनों ने नागपुर की कई पैथोलॉजी में समिता के खून का सैम्पल जांच के लिए भेजा, सभी जगह रिपोर्ट में O+ve ब्लड ग्रुप ही आया। जबकि जबलपुर में गैलेक्सी अस्पताल के चिकित्सकों ने जब खून की कमी बताई थी तो AB+ve ब्लड ग्रुप बताया था। इसी ब्लड ग्रुप को लाने दिनेश ने एक प्राइवेट ब्लड बैंक से सम्पर्क साधकर डाक्टरों को ब्लड मुहैया कराया। दिनेश का यह भी कहना है कि गैलेक्सी अस्पताल में समिता को खून चढ़ाने के बाद कमर दर्द होने लगा था। उस वक्त डाक्टरों ने दर्द का इंजेक्शन लगाकर मरीज को छुट्टी दे दी थी।

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी. ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। मरीज की जिंदगी से जुड़े इस मामले की जांच के लिए दो सदस्ययीय जांच कमेटी बनाई है। जिसे तीन दिन के अंदर जांच पूरी करने कहा गया है। इधर गैलेक्सी अस्पताल की लापरवाही के आरोपों पर हॉस्पिटल के डॉ. विवेक गुप्ता का कहना है कि उनके अस्पताल में सही इलाज हुआ है। मामले की जांच के बाद पता चलेगा कि गलती कहां पर हुई है, वह जांच में हर तरह का सहयोग करने तैयार है।

कोरोनाकाल के वक्त भी सामने आई थी बड़ी लापरवाही
जबलपुर का यह वही अस्पताल है, जहां कोरोनाकाल के वक्त ऑक्सीजन की कमी से पांच मरीजों की मौत होने के आरोप लगे थे। बाद में प्रशासन द्वारा हॉस्पिटल में नए मरीजों की भर्ती होने पर रोक लगाने के साथ जांच के निर्देश दिए गए। कई महीने जांच चली और लीपापोती होती रही। ठोस कार्रवाई न होने से ऐसे अस्पतालों की लापरवाही बदस्तूर जारी है।












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