Jabalpur News: ATM की लोकेशन और फिंगर प्रिंट ने दिखाया जबलपुर गर्लफ्रेंड के कातिल का रास्ता
हाईटेक साधनों से लैस दुनिया में कई क्राइम भी, हाईटेक तरीके से हो रहे है और अपराधी भी उसी तरीके से पकड़े जा रहे हैं। मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन से तो कई अपराध क्रेक होना आम बात हो गई है। लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर मेखला रिजॉर्ट मर्डर केस के आरोपी को यह नहीं पता था कि ATM की लोकेशन और उसके फिंगर प्रिंट उसे हथकड़ी लगवा देंगे। गर्लफ्रेंड के मर्डर में यही दो बाते आरोपी की गिरफ्तारी में बड़े हथियार साबित हुए। पुलिस को कोर्ट से आरोपी की दो दिन की रिमांड मिली है। कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी की पिटाई भी हुई।

आधा दर्जन पुलिस टीमों को देशभर में छकाया
नाम अभिजीत पाटीदार और गुजरात का रहने वाला बताकर एमपी की जबलपुर पुलिस को छका रहा शख्स अब हेमंत भदाणे के रूप में सलाखों के पीछे है। रिजॉर्ट में गर्लफ्रेंड की हत्या करने से लेकर इसके पकड़े जाने तक की कहानी किसी थ्रिलर और सस्पेंस वाली मूवी की कहानी से कम नहीं। वारदात के 10 दिन तक जिस तरह इसने आधा दर्जन पुलिस टीमों को देश भर में छकाया, शायद उतने दिन में ऐसी ही क्राइम स्टोरी की एक शॉर्ट मूवी की शूटिंग हो जाती। जबलपुर से भागा यह आरोपी देश के जिन भी राज्यों में भागा वहां यह अपने सबूत तो छोड़ता था, पर अगली लोकेशन का डायरेक्शन ऐसा रखता था, पुलिस सिर्फ घूमती ही रहे।

बचने का हर हथकंडा अपनाया, सिवाय ATM के
उम्र महज 29 साल..और अब तक 37 गुनाहों की लंबी फेहरिस्त लिए हेमंत भदाणे महाराष्ट्र छोड़ मध्यप्रदेश के जबलपुर की लड़की को अपना हमसफ़र बनाना चाहता था। शायद यह जानते हुए भी कि जिस लड़की को उसने गर्लफ्रेंड बनाया है, वह किस पेशे से हैं। अचानक चढ़ी सनक ने उसे कातिल बना दिया। वो भी शातिराना अंदाज प्रीप्लांड वे में। जबलपुर पुलिस को खुला चैलेंज देकर भागे हेमंत ने बचने का हर तरीका इस्तेमाल किया। लेकिन उसे यह नहीं पता था कि हाईटेक ज़माने में लड़की का एटीएम भी उसे पकड़वा सकता हैं। भागने के बाद जिस-जिस शहर में उसने ATM से पैसे निकाले, पुलिस को उसकी लोकेशन मिलती गई। आखिरी बार अजमेर में उसके ट्रांजेक्शन और सीसीटीवी फुटेज में कैद तस्वीर ने उसकी हर होशियारी का अंत कर दिया।

नेफिस सिस्टम से भी मिली आरोपी की राह
खुद को अभिजीत पाटीदार बताकर आरोपी ने पुलिस को चकमा देने का पूरा इंतजाम किया था। मृतक शिल्पा झारिया की इस्टाग्राम आईडी से भी जो वीडियो पोस्ट किए, उसमें भी नाम अभिजीत पाटीदार ही बताया था। ताकि पुलिस तो पुलिस, पब्लिक भी उसका असली नाम पहचान न सकें। आरोपी की बदलती लोकेशन के बीच नेफिस सिस्टम से फिंगर प्रिंट की मैचिंग ही वह कड़ी थी, जिसने उसका असली नाम उजागर कर दिया। कुछ साल पहले नासिक में एक चोरी के मामले में पकड़े जाने के बाद महराष्ट्र पुलिस ने उसके फिंगर प्रिंट लिए थे। घटना वाले रिसॉर्ट के कमरे से जबलपुर पुलिस को जो फिंगर प्रिंट मिले थे, वह मैच कर गए और हेमंत भदाणे का असली चेहरा सामने आ गया।

क्या होता है नेफिस सिस्टम ?
NAFIS यानि नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आईडेंटीफिकेशन सिस्टम..पुलिस इन्वेस्टिगेशन में कुछ समय पहले ही इस आधुनिक तरीके को अपनाना शुरू किया गया हैं। जिसमें कहीं पर भी अपराधियों के पकड़े जाने के बाद उनके फिंगर प्रिंट का डाटा स्टोर हो जाता हैं। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत इसे देश के 18 राज्यों में जनवरी 2022 में ही लागू किया गया हैं। जिसमें मध्यप्रदेश भी शामिल है। इस तकनीकी जांच से अपराधी के बारे में यह भी पता लगता है कि वह कितने राज्यों और शहरों में एक्टिव रहा। एक तरह से नाम, पते और अपराधिक रिकॉर्ड के साथ उसकी पूरी कुंडली सामने आ जाती है। इस सिस्टम के आने के बाद एमपी में लगभग 30 पुराने अपराधों की फाइलें जांच के लिए खुली हैं। अकेले जबलपुर जोन में तीन मर्डर और चार चोरी की वारदातों का खुलासा इसी सिस्टम के सहारे हुआ।

पुलिस को मिली 2 दिन की रिमांड, आरोपी की हुई पिटाई
जबलपुर पुलिस ने आरोपी कोर्ट में पेश किया, जहां से दो दिन की रिमांड पर है। कोर्ट परिसर में पुलिस अभिरक्षा में ले जाते वक्त कुछ लोगों ने हेमंत को दनादन थप्पड़ लगाए। जिस क्रूरता के साथ हेमंत ने शिल्पा को मौत के घाट उतारा फिर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, उससे लोग गुस्से में हैं। कोर्ट से वापस जाते हुए भी आरोपी को अपने किये पर जरा भी पछतावा नहीं है। उसने बोला कि शिल्पा ने उसको टॉर्चर किया। पटना में एक लड़की के साथ गाड़ी में वह घूमती थी। हेमंत अभी भी पुराना ही बयान दे रहा है कि उसने पटना के जितेन्द्र कुमार के कहने पर शिल्पा को मारा। पुलिस का कहना है कि दो दिन रिमांड में आरोपी से पूरे केस के सिलसिले में गहन पूछताछ की जाएगी। आरोपी कहां-कहां रहा और शिल्पा की इस्टाग्राम आईडी समेत ATM कार्ड का कैसे इस्तेमाल कर रहा था, इस बारे में पता लगाया जाएगा।












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