Jabalpur News: ‘शराब चाहिए तो हेलमेट लगाकर आओ..’, लेकिन साब मैं तो पैदल ही जाता हूं
(Jabalpur News) मप्र में टू व्हीलर चालकों को हर हाल में हेलमेट पहनाने कई तरह के प्रयोग किए जा रहे है। जबलपुर में आबकारी विभाग ने शराब के शौकीनों के लिए नया फरमान जारी किया है। अब शहर की दुकानों में शराब तभी मिलेंगी, जब खरीददार हेलमेट पहनकर पहुंचेगा। इसका उल्लंघन करने वाले दुकानदार और ग्राहक दोनों के खिलाफ कार्रवाई होगी। इससे उन लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है, जो पैदल शराब खरीदने जा रहे है।

पहले हेलमेट पहनों फिर मिलेंगी ‘शराब’
मप्र में हाईकोर्ट ने दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता के आदेश दिए थे। जिसके तहत पूरे प्रदेश में बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चला रहे चालकों के खिलाफ तूफानी कार्रवाई चल रही है। इसी बीच पुलिस के साथ मिलकर कई विभाग अलग-अलग तरह के प्रयोग कर रहे है। जबलपुर में आबकारी विभाग ने एक आदेश जारी किया है, जिसके मुताबिक शराब दुकानों में शराब तभी मिलेंगी, जब आप हेलमेट लगाकर पहुंचोगे। आदेश के उल्लंघन के दायरे में आने वाले दुकानदार के खिलाफ भी अलग कार्रवाई होगी।

पहले हेलमेट का जुगाड़ कर रहे शराबी
जबलपुर में आबकारी डिपार्टमेंट के अलग तरह के फरमान की जहां कुछ लोग तारीफ कर रहे है, तो शराब के शौकीनों की हवाइयां उड़ गई है। जिस ढर्रे के साथ अभी तक शराब खरीदने लोग पहुंचते थे, वह पहले हेलमेट के बाजार दौड़ रहे है। कुछ ग्राहक ऐसे है जो दूसरे व्यक्ति का पांच मिनट के लिए हेलमेट लेकर शराब खरीदने दुकान पहुंचे। जो शराब खरीदने के लिए पैसों का जुगाड़ बड़ी मुश्किल से कर पाते थे, वो कह रहे है कि मेरे पास शराब खरीदने के तो पैसे रहते नहीं है, हेलमेट खरीदने के लिए मुझे कौन रुपए देंगा?

मैं तो पैदल जाता हूं...
आबकारी विभाग के नए आदेश के तहत शराब की खरीददारों में कई दिलचस्प किस्से भी सामने आ रहे है। शहर के विजय नगर क्षेत्र की एक दुकान में झगड़े की नौबत बन गई। बिना हेलमेट लगाए शराब खरीदने पहुंचे आशीष राजपूत नाम के ग्राहक को ठेकेदार ने जब शराब देने से मना किया तो वह बहस करने लगा। बहस इतनी बड़ी कि पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। आशीष का कहना था कि वह पिछले दो साल से पैदल शराब खरीदने आता है, ऐसे में उस पर हेलमेट की अनिवार्यता क्यों लादी जा रही है। काफी देर समझाइश के बाद आक्रोशित आशीष शांत हुआ।

आबकारी विभाग की ये है दलील
आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में शराब पीकर वाहन चलाने वालों का बड़ा आंकड़ा है। कई बार ऐसे लोग खुद तो हादसे का शिकार होते ही है, साथ अन्य राहगीरों की जान को भी खतरें में डाल देते है। शराब पीकर वाहन चलाना वैसे भी गैरक़ानूनी है। इसके मद्देनजर विभाग द्वारा प्रयास किया जा रहा है कि आम लोग अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक हो, भले ही वह शराब के शौक़ीन ही क्यों ना हो?

पेट्रोल पंप पर भी ऐसा ही प्रयोग
प्रदेश के शहरों में इस तरह के प्रयोग किए जा रहे है। पेट्रोल पंप पर ऐसे ही स्लोगन और बैनर पोस्टर लगाए गए है। बिना हेलमेट पेट्रोल देने पर पंप संचालकों ने पाबंदी लगा दी है। वाहन चालकों को समझाइश दी जा रही है, हेलमेट से उन्ही की जिंदगी की सुरक्षा है। ट्रैफिक पुलिस, पेट्रोल पंप कर्मचारी या शराब दुकानदार से बहस की जा सकती है, लेकिन यमराज से नहीं। कुछ तरह लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।












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