Jabalpur: मप्र में कॉलोनियां वैध करने किस आधार पर जारी किया नोटिफिकेशन, HC ने सरकार से पूछा
जबलपुर, 03 अगस्त: मध्यप्रदेश में अवैध कॉलोनियों को वैध करने का सरकार का फैसला अब कटघरे में है। इस सिलसिले में राज्य सरकार ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया था, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए सरकार से नोटिफिकेशन जारी करने का आधार पूछा है।

मप्र में बिल्डर कॉलोंनाइजर या अन्य किसी से मकान खरीदकर रखने वाले उन लोगों को सरकार ने बड़ी राहत दी थी, जिनका घर अवैध कॉलोनी की श्रेणी में आ रहा था। प्रदेश की ऐसी कई कॉलोनियों को वैध करने का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया था। लेकिन अब यह फैसला हाईकोर्ट की शरण में पहुँच गया है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि अवैध कॉलोनियों को किस आधार पर वैध करने का नोटिफिकेशन जारी किया ?
जबलपुर के नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है। जिसमें कहा गया है कि आम लोगों को फायदा होने की बजाय उनको कई तरह के नुकसान होंगे। आने वाले भविष्य में अवैध कॉलोनियों की संख्या में इजाफा होगा। ऐसी कॉलोनियों में घर खरीदने वाले बिजली, पानी, सड़क और कई तरह की मूलभूत सुविधाओं से जूझेंगे। वर्तमान में जो अवैध कॉलोनियां है, वहां पहले से ही कई तरह की समस्याएं है। याचिकाकर्ता नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता रजत भार्गव का कहना है कि, सरकार के इस निर्णय से सबसे ज्यादा उन बिल्डर कारोबारियों को नुकसान होगा, जो रेरा एक्ट और अन्य नियमों का पालन कर रहे है। कॉलोनियां वैध होने की छूट मिलने से हर कोई पहले अवैध कॉलोनी का ही निर्माण करेगा। क्योकि उसको नए प्रावधानों के तहत यह पता है, कि आने वाले समय में उसकी कॉलोनी वैध हो जाएगी।












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