Jabalpur सेन्ट्रल GST अफसर की गैंग ने whatsapp Call को बनाया था हथियार, CBI Raid में लाखों का कैश, मिला बंगला
Jabalpur News: गुटखा कंपनी मालिकों से एक करोड़ की रिश्वत लेने के चक्कर में जबलपुर सेन्ट्रल जीएसटी अफसर की गैंग अब जेल की हवा खाएगी। सीबीआई रेड के बाद अब तक हुई जांच में मास्टर माइंड कपिल कांबले निकला। जिसका आलीशान बंगला देख जांच टीम भी चौंक गई।
गोपन तंबाकू प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिकों से एक करोड़ रुपये रिश्वत की डिमांड करने के लिए कपिल कांबले ने अपने अधीनस्थ चार कर्मचारियों को भी रिश्वत लेने ट्रेंड कर दिया था। एक तरह से कांबले ने काली कमाई के लिए अपनी गैंग तैयार कर रखी थी।
एक दिन पहले दफ्तर में रिश्वत के तय सौदे की 7 लाख रुपये की किस्त लेते सीबीआई ने इस गैंग को बेनकाब किया था। काली कमाई के पांचो धनकुबेरों की करतूत की तह में जब जांच टीम पहुंची, तो पूरे जीएसटी डिपार्टमेंट में भू-चाल सा आ गया।

रंगे हाथ पकड़े गए 5 कौन-कौन?
सुर्खियों में जबलपुर सेन्ट्रल जीएसटी के जिस कपिल कांबले का नाम बार-बार लिया जा रहा है। उसे डिप्टी कमिश्नर का प्रभार भी मिलता रहा। पोस्ट अधीक्षक थी, लेकिन बाकी दिनों में भी रुतबा डिप्टी कमिश्नर का ही नजर आता था। दूसरे अधीक्षक सौमेन गोस्वामी भी फंसे। दोनों की जुगल जोड़ी ने अपने साथ तीन इंस्पेक्टर विकास गुप्ता, प्रदीप हजारी, वीरेंद्र जैन को भी रखा था। ये सभी सीबीआई के चंगुल से नहीं बच पाए।

आलीशान बंगला, 83 लाख कैश
सीबीआई की टीम ने सभी आरोपियों को रिश्वत लेने के बाद पड़ताल शुरू की तो कपिल के आलीशान बंगले का भी पता चला. इसी तरह सौमेन और बाकी अन्य इंस्पेक्टर के घर में भी शान-शौकत का हर इंतजाम नजर आया। घर की तलाशी में सभी के यहां से कुल 83 लाख रुपये कैश भी बरामद हुआ। इसके अलावा प्रॉपर्टी, बैंक खातों से संबंधित कई दस्तावेज भी मिले हैं। जिनकी जांच जारी हैं।

रिश्वत के लिए वाट्सअप बनाया हथियार
सूत्रों से पता चला कि रिश्वत के लिए कांबले-गोस्वामी की यह टीम मुंह जुबानी तो रिश्वत की डिमांड करती ही थी, इसके साथ में वाट्सअप को भी हथियार बनाया हुआ था। लेन-देन की बातचीत वाट्सअप कॉल पर होती थी। इसका प्रमाण शिकायतकर्ता त्रिलोक सेन ने भी दिया। गैंग समझती थी कि वाट्सअप कॉल की रिकॉर्डिंग नहीं हो सकेगी, लेकिन त्रिलोक सेन जब परेशान हो गए तो आखिरी किस्त 10 लाख रुपये वाले कॉल को उन्होंने दूसरे मोबाइल से रिकॉर्ड करवा लिया। यही रिकॉर्डिंग अब इन आरोपियों के गले की हड्डी बन गई हैं।

1 करोड़ रिश्वत की क्यों की डिमांड?
दरअसल दमोह नोहटा में गोपन तंबाकू प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड में 18 मई को सेन्ट्रल जीएसटी की टीम ने रेड की थी। GST चोरी और कई अनियमितताओं के आरोप में तंबाकू प्रोडक्ट की इस फैक्ट्री को सील कर दिया था। बाद में सीज फैक्ट्री को रिलीज करने के संबंध में कंपनी के अधिकारियों ने इस कार्रवाई करने वाली टीम से मुलाकात की। पहले तो कई नियम-कानूनों का हवाला दिया गया फिर एक करोड़ रुपये की डिमांड की गई। बाद में सौदा 35 लाख में तय हुआ कि यह रकम देते ही सीज फैक्ट्री का रिजीज ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा। 25 लाख शुरू में दिए जा चुके थे। बाद में 10 लाख में से 7 लाख रुपये जैसे ही दिए, सीबीआई ने आरोपियों को पकड़ लिया।












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