पहली बारिश नहीं झेल पाया 450 करोड़ में बना डुमना एयरपोर्ट, 3 महीने पहले पीएम मोदी ने किया था लोकार्पण
Dumna Airport Accident
Dumna Airport Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट को नए स्वरूप में बनाने के लिए करीब 450 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। लेकिन जरा सी बारिश ने इसके निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है।
दरअसल गुरुवार सुबह हुई बारिश के दौरान एयरपोर्ट के ड्रॉप एंड गो जोन के ऊपर लगा शेड गिर गया। हादसे में नीचे खड़े शासकीय गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।

गनीमत यह रही कि कार में उस समय कोई नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हो पाई। इस घटना के बाद एयरपोर्ट में हुए करोड़ों रुपये के निर्माण को कटघरे में खड़ा कर दिया है और अब शहर भर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
दरअसल, 450 करोड़ रुपए की लागत से डुमना एयरपोर्ट का विस्तार होने के बाद तीन महीने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया था। साथ ही इस पर आवागमन मार्च महीने से शुरू किया था। जहां पर पहली ही बारिश होने पर हादसा सामने आया है। इससे यहां पर निर्माण को लेकर हुई धांधली की पोल खुल गई है। हादसा ड्रॉप एंड गो पर खड़ी अधिकारी की कार पर हुआ है।
घटना के समय एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग के नीचे खड़ी कार पर पानी गिरने पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार की हालत ऐसी है उसके ऊपर का हिस्सा पूरी तरह पिचक गया है। इतना ही नहीं वह बीच से टूट भी गया है। कार की हालत देखकर लगता है कि यदि इसमें कोई सवार होता तो उसकी जान बचाना मुश्किल थी। यह छज्जा एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों के कार से उतरने और सामान उतारने के दौरान धूप और बारिश से बचाव के लिए लगाया गया है। इसे कैनेपी टेंट या टेंसिल रुफिंग कहते है। यही टेंसिल रुफिंग भारत सरकार के अधिकारी की कार के ऊपर गिर गई।
एयरपोर्ट का हिस्सा गिरने से भारत सरकार के अधिकारी की कार क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे के बाद एयरपोर्ट की बिल्डिंग के निर्माण पर सवाल उठ रहे हैं। इस बिल्डिंग के उद्घाटन के अवसर पर कई बड़े बड़े वादे किये गए थे। लेकिन उन वादों पर अभी तक किसी भी प्रकार का अमल नहीं हुआ हैं।
मध्यप्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह का जबलपुर गृह जिला हैं। डुमना एयरपोर्ट का एक हिस्सा जब गिरा जब लोक निर्माण मंत्री जबलपुर में ही थे। लेकिन उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना हैं कि वो बैठक में थे।
इधर वायु सेवा संघर्ष समिति के लोगों ने इस हादसे कि उच्च स्तरीय जांच कि मांग कि हैं। वायु सेवा संघर्ष समिति के हिमांशु खरे का कहना है कि देश की फेमस कंपनी ने डुमना एयरपोर्ट कि नवनिर्मित बिल्डिंग का निर्माण किया है। जिसकी जांच होनी चाहिए। 450 करोड़ रुपये की लागत से इस एयरपोर्ट का निर्माण किया गया है। लेकिन इस घटना के बाद इसके निर्माण पर सवालिया निशान उठ रहे हैं।












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