MP में 10 करोड़ की मानहानि केस में सांसद विवेक तन्खा के दर्ज होंगे बयान, कपिल सिब्बल करेंगे पैरवी
पंचायत चुनाव के वक्त ओबीसी आरक्षण को लेकर विवेक तन्खा द्वारा बीजेपी नेताओं पर किए गए मानहानि मुक़दमे पर सुनवाई शुरू होने जा रही हैं। जबलपुर में २९ अप्रैल को मजिस्ट्रेट कोर्ट में तन्खा के बयान दर्ज होंगे।

Defamation case OBC Reservation: करीब दो साल पहले ओबीसी आरक्षण पर कोर्ट के फैसले के बाद की गई टिप्पणी को लेकर मध्य प्रदेश के बीजेपी नेताओं पर १० करोड़ की मानहानि की गई थी। जिस पर २९ अप्रैल से कोर्ट की कार्रवाई शुरू होने जा रही हैं।
इस सिलसिले में मानहानि का मुकदमा करने वाले राज्य सभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील विवेक कृष्ण तन्खा ने ट्वीट किया है कि झूठ और सच के ट्रायल की शुरुआत होगी। आगे लिखा है कि कोर्ट रिकॉर्ड और कार्यवाही के विपरीत बीजेपी ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक माहौल निर्मित किया था।
BJP लीडर्स ने शब्दों, आचरण और असत्य झूठी बयानबाजी कर ओबीसी के वकील को ओबीसी विरोधी बना दिया। तन्खा ने सीएम, पार्टी अध्यक्ष वीडी शर्मा और मंत्री भूपेन्द्र सिंह को मानहानि का नोटिस भेजा गया। जिस पर मजिस्ट्रेट कोर्ट में सांसद तन्खा के बयान दर्ज होंगे।

विवेक तन्खा ने बताया उनकी ओर से मामले की पैरवी के लिए सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील कपिल सिब्बल पैरवी करेंगे। आपको बता दें कि ओबीसी आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बीजेपी ने तन्खा को ओबीसी विरोधी संबंधी कई बयान दिए थे।
साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी थी। फिर इस मुद्दे पर कई याचिकाएं दायर की गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से विवेक तंखा ने पैरवी की थी। तन्खा ने बीजेपी नेताओं के बयानों को निराधार बताया था।
राज्यसभा सांसद विवेक तंखा ने बीजेपी नेताओं के बयानों के बाद अपनी सफाई भी दी। जिसमें उन्होंने कहा था कि ओबीसी आरक्षण से संबंधित उनकी याचिका में केवल पंचायत चुनाव में रोटेशन की बात थी। ओबीसी आरक्षण का कोई जिक्र नहीं था, इसके बावजूद बीजेपी ने उन्हें ओबीसी विरोधी बताते हुए उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की। अब २९ अप्रैल को मानहानि मुक़दमे पर होने वाली सुनवाई पर फिलहाल बीजेपी की ओर से कोई रिएक्शन नहीं आया है।












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