Jabalpur News: रिश्वतखोर सरकारी वकील पकड़ी गई: कुक्कू दत्त 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के जबलपुर में लोकायुक्त पुलिस ने जिला कोर्ट में पदस्थ अतिरिक्त लोक अभियोजक कुक्कू दत्त को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। 59 वर्षीय कुक्कू दत्त ने शिकायतकर्ता बिहारी लाल रजक से पुनः अपील दायर करने के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बदले रिश्वत मांगी थी।
लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार, 15 जुलाई 2025 को सिविल लाइन स्थित उनके घर पर छापा मारकर यह कार्रवाई की। कुक्कू दत्त ने शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि अगर रिश्वत नहीं दी, तो वह ऐसा पत्र बनाएंगी कि भविष्य में अपील नहीं हो सकेगी। इस मामले ने जबलपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम को और तेज कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?
बिहारी लाल रजक, जो सिविल लाइन, जबलपुर के निवासी हैं, ने 2022 में एक अपराध दर्ज कराया था। इस मामले में जिला कोर्ट में सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक कुक्कू दत्त ने उनकी पैरवी की थी। कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया, जिसके बाद शासन ने कुक्कू दत्त को इस फैसले के खिलाफ पुनः अपील दायर करने का आदेश दिया।
लेकिन, कुक्कू दत्त ने अपील को बिहारी लाल के पक्ष में तैयार करने के लिए 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बिहारी लाल ने बताया कि वह कई दिनों से कुक्कू दत्त के चक्कर काट रहे थे, लेकिन वह बिना पैसे लिए काम करने को तैयार नहीं थीं। उन्होंने धमकी दी, "अगर पैसे नहीं दिए, तो ऐसा पत्र बनाऊंगी कि तुम आगे अपील नहीं कर पाओगे।"
इसके बाद, बिहारी लाल ने जबलपुर लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की। लोकायुक्त एसपी ने शिकायत की जांच की और ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई।
लोकायुक्त की कार्रवाई
15 जुलाई 2025 को लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप ऑपरेशन शुरू किया। बिहारी लाल को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेकर कुक्कू दत्त के सिविल लाइन स्थित घर भेजा गया। जैसे ही बिहारी लाल ने कुक्कू दत्त को रिश्वत की राशि दी, लोकायुक्त की टीम ने छापा मारकर उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
लोकायुक्त पुलिस ने बताया: शिकायतकर्ता ने कई दिनों तक कुक्कू दत्त के पास चक्कर काटे, लेकिन वह बिना रिश्वत के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने को तैयार नहीं थीं। ट्रैप की पुष्टि के बाद, लोकायुक्त की टीम ने सिविल लाइन में कुक्कू दत्त के घर पर कार्रवाई की। 15 हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ कुक्कू दत्त को गिरफ्तार किया गया।
मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
कुक्कू दत्त एक अतिरिक्त लोक अभियोजक थीं, जिनका काम कोर्ट में शासन की ओर से पैरवी करना था। उनकी रिश्वत मांगने की हरकत ने न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई चल रही है। यह गिरफ्तारी उसी अभियान का हिस्सा है। लोकायुक्त पुलिस ने इस साल 2025 में जबलपुर में कई भ्रष्ट अधिकारियों को पकड़ा है, जिसमें यह मामला एक और कड़ी है।
क्या हो सकते हैं अगले कदम?
- कानूनी कार्रवाई: कुक्कू दत्त के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनकी जमानत याचिका पर जल्द सुनवाई हो सकती है।
- विभागीय जांच: जिला कोर्ट और न्याय विभाग कुक्कू दत्त के पिछले रिकॉर्ड की जांच कर सकता है।
- निलंबन: उनकी अतिरिक्त लोक अभियोजक की सेवाएं निलंबित की जा सकती हैं।
- लोकायुक्त की कार्रवाई: लोकायुक्त पुलिस अन्य भ्रष्ट अधिकारियों पर भी नजर रख रही है, जिससे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
कानून विशेषज्ञ डॉ अनिल शर्मा ने कहा, "न्यायिक प्रणाली में रिश्वतखोरी गंभीर अपराध है। कुक्कू दत्त की गिरफ्तारी से भ्रष्टाचारियों को सबक मिलेगा, लेकिन पूरे सिस्टम को और पारदर्शी करने की जरूरत है।"












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