MP: 'सियासत का लोट रहा सांप'! कांग्रेस विधायक ने पवनपुत्र हनुमान को बताया आदिवासी, मंत्री कुलस्ते भी बोले..
कर्नाटक से चला जहरीला सांप और बजरंग दल का मुद्दा नेताओं को हर रोज नए अंदाज में बयान देने का मौका दे रहा हैं। एमपी सिवनी से कांग्रेस विधायक ने रामभक्त हनुमान की अब आदिवासी के रूप में व्याख्या की।

Bajrang Dal Ban issue: कर्नाटक में कांग्रेस के गले में लिपटा जहरीले सांप वाला बयान अभी लोग भूले भी नहीं थे, कि अब उसी तर्ज पर केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने बजरंग दल को लेकर जबलपुर में बयान दे दिया। उनसे एक कदम आगे सिवनी के कांग्रेस विधायक अर्जुन काकोड़िया भी है।
पहले बात केन्द्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते की है। आदिवासी बेल्ट मंडला से सांसद है। जबलपुर पहुंचे तो उनसे मीडिया ने बजरंग दल बैन मुद्दे पर प्रतिक्रिया जानी। हाल ही में कांग्रेस दफ्तर में बजरंगियों की तोड़फोड़ के मुद्दे का भी जिक्र किया गया।

कुलस्ते ने दफ्तर में तोड़फोड़ या किसी रूप में संपत्ति नुकसान को तो गलत ठहराया, लेकिन अपने बयान में उस बजरंग दल की तुलना सांप से कर दी। उन्होंने कहा कि जैसे सांप को मारते है और वह दौड़ता है। वैसी ही घटना बजरंग दल बैन का विषय है।
वहीं सिवनी बरघाट से कांग्रेस विधायक अर्जुन काकोड़िया ने कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ता रामभक्त हनुमान का नाम लेकर उन्हें अपमानित कर रहे है। कांग्रेस दफ्तर में तोड़फोड़ मचा रहे है। काकोड़िया बोले कि हनुमानजी जंगल में रहते थे और वो आदिवासी थे।

आदिवासी समाज बजरंग दल को छोड़ेगा नहीं और हनुमान जी के नाम पर अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा। बजरंग दल की तरह अन्य हिंदूवादी संगठनों का नाम लेते हुए भी विधायक महोदय ने आपत्ति जताई। ख़ास बात यह रही, इस दौरान खुद को हनुमान भक्त कहने वाले कमलनाथ भी कार्यकर्त्ता सम्मलेन में मौजूद थे।
यह बात गौर करने वाली है कि धार्मिक आस्था का प्रतीक चीजों का चुनाव आते ही सियासी इस्तेमाल बढ़ने लगा है। कही सियासत का सांप लोट रहा है तो कही बजरंग बली और दूसरे देवी-देवता, संत-महापुरुषों की बयानों में जाति धर्म तय होने लगी है। शिर्डी के साईं बाबा का मुद्दा भी उठ चुका है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी एक मर्तबा पवनपुत्र हनुमान को दलित बता चुके हैं। अब कांग्रेस विधायक ने उन्हें आदिवासी बताया है।












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