MP News: जबलपुर में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू का कहर, 6 सुअरों में पुष्टि के बाद कलेक्टर ने जारी की सख्त गाइडलाइन
जबलपुर, 02 सितंबर: एमपी में पिछले दिनों स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच जबलपुर में सुअरों में मिले अफ्रीकन स्वाइन फ्लू के ताजा मामलों ने हडकंप मचा दिया है। 21 सैम्पल में से 6 सुअरों की सैम्पल जांच रिपोर्ट में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई हैं। जिसके बाद प्रशासन अलर्ट हो गया है। इसका खुलासा होने के बाद कलेक्टर ने प्रभावित इलाके को रेड जोन घोषित कर दिया हैं। साथ ही तत्काल प्रभाव से ऐसे सूकर आश्रय स्थलों में आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है।

जबलपुर में सुअरों के नमूनों की जांच रिपोर्ट में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद दहशत बढ़ गई है। शहरी और ग्रामीण इलाकों में जहां सुअरों के मरने की ख़बरें आई, वहां विशेष सतर्कता बढ़ाते हुए उन जगहों को ईपी सेंटर घोषित कर दिया गया है। साथ ही सुअरों के ऐसे आश्रय स्थलों पर सुअर पालकों के अलावा सुअरों की आवाजाही पर पर भी प्रतिबंध लगा दिया हैं। बताया जा रहा है कि जिले से 21 संदिग्ध सैम्पल भेजे गए थे। जिसमें से 6 सूकरों में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। जिसके बाद कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी. ने आम लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर गाइड लाइन जारी की है।

सुअरों के शवों को दफनाया जाएगा गहराई में
कलेक्टर के निर्देश के बाद पशु विभाग भी एक्टिव हो गया है। साथ ही शहर में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र के नगर पालिका प्रशासन को ऐसे स्थान चिन्हित कर साफ़ सफाई और सैनेटाइज करने कहे गए है। आपको बता दें कि पिछले दिनों जबलपुर में तीन लोगों में स्वाइन फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई थी। जिन्हें मेडिकल हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया था। उसके बाद रहवासी क्षेत्रों में आवारा सुअरों से इस संक्रमण के बढ़ने के खतरे के संबंध में आम लोगों ने भी आवाज उठाई थी। कई क्षेत्रों में सुअरों के मृत मिलने की सूचना भी आती रही, लेकिन निगम का स्वास्थ्य अमला बेपरवाह रहा। अब कलेक्टर ने संबंधित विभाग को भी दो टूक कह दिया है कि कही से भी लापरवाही सामने आई, तो दोषी कर्मचारियों, अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।












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