Jabalpur के टिकट के दावेदारों का शीर्षासन जारी, आकाओं की ड्यौढ़ियों पर माथा रगड़ रहे नेता
MP assembly election: कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय मंथन के बाद टिकट की रस्साकशी तब और तेज हो गई है, जब बीजेपी की दूसरी लिस्ट के ठीक एक दिन बाद भी सिंगल प्रत्याशी की तीसरी लिस्ट जारी हुई। जबलपुर जिले के आठ विधानसभा टिकटों के लिए पैनल तैयार कर एआइसीसी (आल इंडिया कांग्रेस कमेटी) को भेजे जा चुके हैं।
भरोसेमंद सूत्र बताते हैं कि पैनल में आठ विधान सभा क्षेत्रों से कुल 15 नाम भेजे गए हैं। इनमें से चार सीटों पर सिंगल नाम हैं, जबकि शेष चार पर दो या दो से अधिक नामों के पैनल बनाए गए हैं। इसके बाद से नेताओं का दिल्ली-तीर्थाटन शुरू हो चुका है। नेता दस जनपद के इर्द-गिर्द अपने संपर्क सूत्र तलाशने में जुट गए हैं।
सितंबर महीने की शुरुआत में कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक भोपाल में हो चुकी हैं। इस बैठक में पीसीसी अध्यक्ष कमल नाथ के साथ रणदीप सूरजेवाला और भंवर जितेंद्र सिंह शामिल रहे। सभी स्तर पर चर्चा और विचार-विमर्श के बाद पैनल तैयार हो गए और उन्हें एआइसीसी को भेज भी दिया गया। प्रदेश स्तर से घोषित तौर पर किसी को नहीं बताया गया कि कहां से कितने लोगों या किन-किन लोगों का नाम पैनल में दिल्ली भेजा गया है। लेकिन अटकलबाजियों का बाजार गर्म हैं।

कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिले की चार सीटों से सिंगल-सिंगल नामों को अलग कर दें तो शेष चार सीटों के लिए कुल 11 नाम भेजे गए हैं। इनमें से सिहोरा, पनागर और पाटन से तीन-तीन नाम हैं, जबकि कैंट से दो। लेकिन, मजेदार बात यह है कि इन चारों विधानसभा क्षेत्रों से करीब बीस दावेदार हैं, जो न केवल खुद का नाम पैनल में शामिल होने का दावा कर रहे हैं, बल्कि यहां तक कह रहे हैं कि उनको नाथ साहब के यहां से तैयारी के लिए बोल भी दिया गया है। इसी तरह से कुछ ऐसे भी हैं, जो राजा साहब (दिग्विजय सिंह) का नाम ले रहे हैं या दिल्ली में बात हो चुकी होने का दंभ भरे रहे हैं।
दिल्ली के भी चक्कर शुरु
अनेक दावेदारों ने दिल्ली आना-जाना और एआइसीसी के नुमाइंदों से मेल-जोल के प्रयास शुरू कर दिए हैं। कुछ दावेदार ऐसे हैं जो राहुल, प्रियंका या सोनिया गांधी तक पहुंचने का शार्टकट तलाश रहे हैं। वे इन नेताओं के घनिष्टों में शुमार नेताओं के संपर्कसूत्र ओर नाते-रिश्तेदारियां टटोलने में लग गए हैं। प्रत्येक दावेदार किसी न किसी एक बड़े क्षत्रप पकड़े है, लेकिन वो अन्य नेताओं का समर्थन भी स्टेंडबाय में रखने की कोशिश कर रहा है।
उलझा रहा महिला गणित
पिछले चुनाव में कांग्रेस की ओर से जिले की किसी भी विधानसभा सीट पर महिला उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया गया था। 2013 में जरूर सिहोरा से महिला प्रत्याशी को टिकट मिला था और वो चुनाव हार गई थीं। इस बार भी जबलपुर शहर की चारों सीटों सहित बरगी, पाटन और पनागर में किसी महिला उम्मीदवार की संभावना नहीं है। शेष रही सिहोरा सीट से फिर एक बार एक से अधिक महिला दावेदारों के नाम चर्चा में हैं। अगर जिले से एक भी महिला को टिकट का समीकरण बनता है तो सिहोरा की इन दोनों महिला दावेदारों में से किसी की लाटरी लग सकती है।












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