बाइडेन से मिलने के बाद जेलेंस्की का हौसला बढ़ा, चीन को दी बड़ी चेतावनी, कहा- अगर रूस की मदद की तो...
जेलेंस्की ने एक जर्मन अखबार डाई वेल्ट को इंटरव्यू देते हुए कहा, 'हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि चीन इस युद्ध में रूस का साथ न दे। वास्तव में मैं तो यही चाहूंगा कि वह हमारी तरफ रहे।'

File Image: PTI
रूस-यूक्रेन के युद्ध को 2 दिन बाद एक साल पूरे हो जाएंगे। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने चीन को भी बड़ी चेतावनी दे डाली है। जेलेंस्की ने कहा है कि अगर चीन रूस को समर्थन देता है तो तीसरा विश्वयुद्ध हो जाएगा। जेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन युद्ध शुरू होने के एक साल होने से पहले एकजुटता दिखाने यूक्रेन पहुंचे हैं। जो बाइडेन यहां वारसा के रेलवे स्टेशन से एक ट्रेन के जरिए कीव पहुंचे थे। बाइडेन ने ऐसे वक्त में अपने सहयोगी देश का दौरा किया है, जब ये माना जा रहा है कि रूस इस हफ्ते कोई बहुत बड़ा हमला कर सकता है।
'चीन के पास अभी भी बड़ा मौका'
जेलेंस्की ने एक जर्मन अखबार डाई वेल्ट को इंटरव्यू देते हुए कहा, 'हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि चीन इस युद्ध में रूस का साथ न दे। वास्तव में मैं तो यही चाहूंगा कि वह हमारी तरफ रहे।' हालांकि उन्होंने इस बात की भी संभावना जताई कि ये संभव नहीं है। उन्होंने आगे कहा, 'हालांकि, फिलहाल मुझे नहीं लगता कि यह संभव है। लेकिन मुझे लगता है कि चीन के पास एक अवसर तो है। उन्हें यह आकलन करते रहना चाहिए कि यहां क्या हो रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'अभी यह युद्ध सिर्फ दो देशों में हो रहा है। लेकिन अगर चीन रूस का समर्थन करने आ गया तो विश्व युद्ध होगा। मुझे लगता है चीन भी इस बात को जानता है।'
रूसी संसद में भाषण देंगे पुतिन
इस बीच खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की यूक्रेन दौरे के एक दिन बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन रूस की फेडरल असेंबली को संबोधित कर सकते हैं। आपको बता दें कि युद्ध शुरू होने के बाद ये पहला अवसर है जब वे इसे संबोधित करेंगे। बड़ी बात यहां ये है कि दो साल में पहली बार पुतिन राष्ट्र को संबोधित करेंगे। पुतिन के संबोधन पर पूरी दुनिया का ध्यान है क्योंकि अपने भाषण में पुतिन यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध के एक साल पूरे होने को लेकर कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं।
यूक्रेन पर हमले तेज कर सकता है रूस
पुतिन युद्ध को रूसी अस्तित्व की लड़ाई के रूप में तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, जैसा उन्होंने अपने नए साल के संबोधन में किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में रूसी सेना यूक्रेन पर अपने हमले तेज कर सकती है, क्योंकि रूसी सेना एक साल की लड़ाई के बाद प्रतीकात्मक जीत हासिल करने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा पुतिन मॉस्को में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के विदेश नीति प्रमुख से मुलाकात कर सकते हैं। क्रेमलिन ने सोमवार को यह जानकारी दी है।












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