South Korea: लोकतंत्र को कुचलने वाले दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति गिरफ्तार, एक हजार पुलिसवालों ने घर से दबोचा
South Korea's Impeached President Yoon Suk Yeol Arrest: देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश करने वाले दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सुक योल को हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। एक हजार से ज्यादा पुलिसवालों ने उन्हें राष्ट्रपति आवास से गिरफ्तार किया है।
इससे पहले यूं सुक योल के खिलाफ महाभियोग का मुकदमा चलाया गया था और उन्हें संविधान को ताक पर रखकर आपातकाल लगाने के लिए दोषी ठहराया गया था और देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, कि किसी मौजूदा राष्ट्रपति को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, इससे पहले भी उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की गई थी, लेकिन उस दौरान पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में नाकाम रही थी।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति किए गये गिरफ्तार (South korea president arrested)
राष्ट्रपति यूं की गिरफ्तारी दक्षिण कोरिया में राजनीतिक उथल-पुथल में हाई वोल्टेज ड्रामे को दर्शाती है, जिसने उनके महाभियोग के बाद से दक्षिण कोरिया को जकड़ रखा है। संकटग्रस्त नेता पर कथित तौर पर अपने अधिकार का अतिक्रमण करने और मार्शल लॉ लागू करके विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास करने के लिए जांच चल रही है, जिसकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से निंदा की गई थी।
बुधवार की सुबह 1000 से ज्यादा भ्रष्टाचार विरोधी जांचकर्ता और पुलिस अधिकारी, दक्षिण कोरिया के महाभियोग के शिकार राष्ट्रपति यूं सूक येओल के आवास पर पहुंचे और एक नाटकीय और अभूतपूर्व गिरफ्तारी की। कानून प्रवर्तन अधिकारी प्रतिरोध का सामना करने के लिए तैयार होकर परिसर में पहुंचे थे, क्योंकि उन्हें अंदर जाने से रोकने के लिए आवास के चारों ओर तीन स्तर के सुरक्षाकर्मी लगाए गए थे।
हालांकि, कई घंटों की सावधानी से की गई कार्रवाई के बाद पुलिस, बैरियर को तोड़कर आवासीय परिसर में घुसने में कामयाब रही। इसके बाद सैकड़ों अधिकारी यून के आवास के परिसर में घुस गए, गिरफ्तारी वारंट को तामील किया और बिना किसी हिंसा के राष्ट्रपति को हिरासत में ले लिया। यह ऑपरेशन दक्षिण कोरियाई इतिहास में पहली बार हुआ है, जब किसी मौजूदा राष्ट्रपति को गिरफ्तार किया गया है।
पिछली बार गिरफ्तारी की कोशिश क्यों हुई थी नाकाम?
राष्ट्रपति यूं को हिरासत में लेने की यह पहली कोशिश नहीं थी। 3 जनवरी को, कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने गिरफ्तारी वारंट को तामील में लाने की कोशिश की थी, लेकिन राष्ट्रपति सुरक्षा सेवा (PSS) ने करीब 6 घंटे तक पुलिस को आवास में घुसने नहीं दिया, जिसकी वजह से पिछली बार उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी।
पहले ऑपरेशन के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने सियोल में राष्ट्रपति निवास के बाहर राष्ट्रपति यूं के सुरक्षा दल के साथ झड़प की थी। हालांकि, अधिकारियों ने बाद में अपनी सुरक्षा के लिए चिंताओं का हवाला देते हुए उस वक्त उन्हें गिरफ्तार करने से मना कर दिया था और उनकी गिरफ्तारी को "असंभव" बताया था। लेकिन, उस झटके के बावजूद, वारंट प्रभावी रहा, और राष्ट्रपति यूं को गिरफ्तार करने की दूसरी कोशिश कामयाब हो गई।
राष्ट्रपति यूं को क्यों गिरफ्तार किया गया है?
राष्ट्रपति यूं सुक योल की गिरफ्तारी 3 दिसंबर को उनकी तरफ से अचानक लगाए गए मार्शल लॉ के बाद हुई है, और उनके इस कदम से पूरे देश में आक्रोश और राजनीतिक उथल-पुथल मच गई थी। हालांकि, उनके आपातकाल की घोषणा के फौरन बाद देश की संसद में सांसदों का जुटना शुरू हो गया और उन्होंने वोटिंग करते हुए मार्शल लॉ के आदेश को पलट दिया, जिससे कुछ ही घंटों में मार्शल लॉ खत्म हो गई।
संसद में हुई वोटिंग के दौरान राष्ट्रपति की पार्टी के भी कई नेताओं ने आपातकाल लगाने के खिलाफ मतदान किया और देश में लोकतंत्र को जिंदा रखा। वहीं, आपातकाल लगाने के फैसले की राष्ट्रपति की पार्टी ने भी निंदा करते हुए हैरान करने वाला बताया।
वहीं, विपक्षी दलों ने इस अवसर का फायदा उठाते हुए राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया। यूं पर महाभियोग चलाने की पहली कोशिश नाकाम रही थी, लेकिन दूसरी कोशिश कामयाब हो गई और संसद में उन पर महाभियोग चलाया गया।












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