Year Ender 2024: प्रीडेटर ड्रोन से C-295 aircraft तक, भारत ने इस साल डिफेंस सेक्टर में क्या क्या कमाल किए?
Year Ender 2024 Defence: साल 2024 में भारत ने डिफेंस सेक्टर में कई उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसमें भारतीय सेना के आधुनिकीकरण से लेकर हथियारों का स्वदेश में निर्माण और विदेशों से हथियारों का अधिग्रहण तक शामिल हैं।
भारतीय सशस्त्र बलों में तीन डिवीजन शामिल हैं - थल सेना, नौसेना और वायु सेना और इस साल, डिफेंस सेक्टर में प्रमुख उपलब्धियों में एडवांस प्रीडेटर ड्रोन को शामिल करना और सी-295 विमान के लिए घरेलू विनिर्माण सुविधा की स्थापना शामिल है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में भारत का रक्षा निर्यात 78 प्रतिशत बढ़कर 6,915 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह वृद्धि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की कोशिशों को दर्शाती है, जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये का निर्यात करना है।
अमेरिका के प्रीडेटर ड्रोन का अधिग्रहण (Acquisition of Predator drones from America)
अक्टूबर 2024 में भारत ने 31 सशस्त्र MQ-9B स्काईगार्डियन और सीगार्डियन ड्रोन खरीदने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक समझौते को औपचारिक रूप दिया है। इस सौदे का मकसद, भारत की निगरानी और खुफिया क्षमताओं को बढ़ाना है, खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में। उम्मीद है कि ड्रोन समुद्री अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जो वास्तविक समय की खुफिया जानकारी और टोही सहायता प्रदान करेंगे। कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक, रक्षा बलों को सौदे पर हस्ताक्षर करने के चार साल बाद ड्रोन मिलने शुरू हो जाएंगे। भारतीय नौसेना को 31 में से 15 ड्रोन मिलेंगे, जबकि सेना और भारतीय वायु सेना को आठ-आठ ड्रोन मिलेंगे।

सी-295 विमान के उत्पादन लिए यूनिट की स्थापना (C-295 aircraft manufacturing facility)
भारत के डिफेंस सेक्टर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि, गुजरात के वडोदरा में अपने पहले निजी सैन्य विमान निर्माण संयंत्र का उद्घाटन था। अक्टूबर 2024 में खुलने वाला टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स, एयरबस स्पेन के सहयोग से भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए C-295 परिवहन विमान का उत्पादन करेगा। यह पहल, रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें 2031 तक 56 में से 40 विमानों का घरेलू स्तर पर निर्माण करने की योजना है।
भारतीय वायुसेना में C-295 aircraft शामिल (C-295 aircraft in Indian Air Force)
भारतीय वायुसेना को स्पेन में एयरबस की सुविधा से C-295 विमान मिलना शुरू हो गया है, जिसमें से छह विमान अक्टूबर 2024 तक डिलीवर हो जाएंगे। ये विमान पुराने हो रहे एवरो बेड़े की जगह लेंगे, जिससे भारतीय वायुसेना की सामरिक एयरलिफ्ट क्षमताओं में वृद्धि होने की उम्मीद है। C-295 सैनिकों और उपकरणों को दूरदराज के स्थानों पर ले जाने, चिकित्सा निकासी करने और आपदा प्रतिक्रिया अभियानों में भाग लेने में मदद करेंगे।
'आकाशतीर' सिस्टम (Akashteer System)
भारतीय सेना ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की तरफ से विकसित किए गये एक ऑटोमेटिक एयर डिफेंस कंट्रोल एंड रिपोर्टिंग सिस्टम (ADCRS) 'आकाशतीर' प्रणाली को शामिल करना शुरू कर दिया है। यह प्रणाली वायु रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए सर्विलांस प्रॉपर्टीज और रडार सिस्टम के साथ रियल टाइम जानकारी देगी और उसके मुताबिक, रिस्पांस करेगी।
भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक 100 आकाशतीर वायु रक्षा प्रणालियां हासिल की हैं। मिसाइल और रॉकेट हमलों सहित हवाई खतरों से देश की रक्षा के लिए डिज़ाइन की गई आकाशतीर प्रणाली देश के रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अधिग्रहण की यात्रा मार्च 2023 में शुरू हुई, जब रक्षा मंत्रालय ने सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को सिस्टम बनाने का ठेका दिया। BEL ने मार्च 2024 में भारतीय सेना को पहली आकाशतीर प्रणाली दी और 30 सितंबर 2024 तक सभी 100 इकाइयां सफलतापूर्वक सौंप दी गईं।
सर्विलांस सैटेलाइट प्रोजेक्ट को मंजूरी (Surveillance satellite project)
इस साल सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने 52 सर्विलांस सैटेलाइट्स विकसित करने और लॉन्च करने के लिए 27,000 करोड़ रुपये की परियोजना को भी मंजूरी दी है। 21 उपग्रहों का निर्माण इसरो (ISRO) करेगा और शेष 31 निजी कंपनियों द्वारा बनाए जाएंगे। इस पहल का मकसद, भारत की अंतरिक्ष-आधारित निगरानी क्षमताओं को बढ़ाना है, जिससे भूमि और समुद्री क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी हो सके।












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