ट्रंप के शपथ लेते ही चीन-रूस में मची हलचल! पुतिन ने शी से की बात, जानें अमेरिका पर क्या थी दोनों की राय?
Xi Jinping Putin Video Call: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों बाद, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वीडियो कॉल के जरिए वार्ता की।
इस बातचीत में दोनों नेताओं ने चीन-रूस साझेदारी को 'नई ऊंचाइयों' तक ले जाने का संकल्प लिया। यह वार्षिक संवाद अब एक परंपरा बन चुकी है, जिसे दोनों देशों के करीबी रिश्तों की पहचान माना जाता है।

क्या है बातचीत का मुख्य उद्देश्य?
- शी और पुतिन ने वार्ता के दौरान अपने संबंधों को और मजबूत करने और "रणनीतिक समन्वय" को गहराई देने पर जोर दिया।
- शी जिनपिंग का बयान: "हम बाहरी अनिश्चितताओं के बीच चीन-रूस संबंधों की स्थिरता और लचीलापन बनाए रखेंगे।"
- पुतिन का बयान:"हम एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की वकालत करते हैं, जिसमें अमेरिका का प्रभुत्व कम हो।"
- व्यापार: दोनों नेताओं ने चीन और रूस के बीच बढ़ते व्यापार की सराहना की, जो पिछले वर्ष रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा।
अमेरिका पर नजरें
शी और पुतिन ने अपनी वार्ता के दौरान अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर चर्चा की।
- ट्रंप के प्रति नजरिया: ट्रंप की व्हाइट हाउस में वापसी पर दोनों नेता करीबी नजर रख रहे हैं। ट्रंप ने अपने कार्यकाल की शुरुआत में चीन और रूस के साथ संवाद और समझौतों में रुचि दिखाई है।
- यूक्रेन युद्ध और अमेरिका: ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर पुतिन युद्ध खत्म करने के लिए वार्ता नहीं करते, तो रूस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ट्रंप ने शी से युद्ध समाप्त कराने में भूमिका निभाने का आग्रह किया।
चीन-रूस संबंधों की मजबूती क्यों?
- यूक्रेन युद्ध के बाद करीबी रिश्ते: पुतिन के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद चीन और रूस का रिश्ता और गहरा हुआ। दोनों देश पश्चिमी देशों के प्रभुत्व के खिलाफ एकजुट हैं।
- "कोई सीमा नहीं" साझेदारी: शी और पुतिन ने 2022 में "कोई सीमा नहीं" साझेदारी पर हस्ताक्षर किए। यह साझेदारी वैश्विक व्यवस्था में अमेरिका की भूमिका को कमजोर करने के प्रयासों का हिस्सा है।
कूटनीतिक त्रिकोण: ट्रंप, शी और पुतिन
ट्रंप, शी, और पुतिन के बीच संबंधों की एक जटिल स्थिति उभर रही है।
- ट्रंप का दृष्टिकोण: ट्रंप ने शी और पुतिन के प्रति व्यक्तिगत प्रशंसा व्यक्त की है। उम्मीद है कि वे अमेरिका के हितों की रक्षा के लिए रियायतें मांगेंगे।
- शी की दुविधा: चीन को रूस के साथ अपने संबंध बनाए रखते हुए ट्रंप प्रशासन के साथ आर्थिक समझौतों से भी लाभ उठाना है।
- पुतिन की रणनीति: पुतिन के लिए चीन एक महत्वपूर्ण साझेदार है, खासकर जब वह पश्चिमी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है।
यूरोपीय नजरिया
यूरोपीय नेताओं को उम्मीद है कि शी यूक्रेन में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएंगे।
- बाधा: बीजिंग पर रूस को सैन्य सामान की आपूर्ति करने का आरोप लगता रहा है, जिसे चीन खारिज करता है। शी अमेरिका और यूरोप के साथ संतुलन बनाने की कोशिश में हैं।
ऐतिहासिक कनेक्शन
दोनों नेताओं ने द्वितीय विश्व युद्ध में मित्र देशों की जीत की 80वीं वर्षगांठ का भी जिक्र किया।
- उत्सव: इस साल मई में रूस और सितंबर में चीन में कार्यक्रम आयोजित होंगे। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को इन कार्यक्रमों में शामिल होने का न्योता दिया।
(इनपुट- सीएनएन)












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